Bihar conductor: बिहार में कंडक्टर लाइसेंस के नियमों में बड़ा बदलाव, अब 8वीं पास भी कर सकेंगे आवेदन

Bihar conductor: बिहार सरकार ने कंडक्टर लाइसेंस के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब आठवीं पास भी संवाहक अनुज्ञप्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे। आदेश 28 जनवरी 2026 से लागू होगा।

बिहार कंडक्टर लाइसेंस नियम- फोटो : social media

Bihar conductor:  बिहार सरकार ने राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब कंडक्टर लाइसेंस यानी संवाहक अनुज्ञप्ति के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को घटाकर आठवीं पास कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।यह निर्णय खास तौर पर उन युवाओं के लिए राहत लेकर आया है, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से दसवीं कक्षा तक पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए थे, लेकिन सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में काम करने के इच्छुक हैं।

पहले दसवीं पास होना था अनिवार्य

अब तक बिहार मोटरयान नियमावली, 1992 के तहत कंडक्टर लाइसेंस के लिए दसवीं पास होना अनिवार्य था। राज्य सरकार ने नियम में संशोधन करते हुए इस योग्यता को घटाकर आठवीं पास कर दिया है। परिवहन विभाग के अनुसार यह नया प्रावधान 28 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। इसके बाद आठवीं कक्षा उत्तीर्ण उम्मीदवार भी कंडक्टर लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे।

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध

संशोधित नियम लागू होने के बाद योग्य अभ्यर्थी परिवहन विभाग के सारथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस फैसले से ग्रामीण इलाकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में कंडक्टरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर मिल सकेंगे। राज्य सरकार इसे सामाजिक समावेशन और रोजगार सृजन की दिशा में एक अहम कदम मान रही है।

गणतंत्र दिवस पर 95 राहवीरों को मिला सम्मान

इसी बीच, बिहार सरकार ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देने वाले नागरिकों को भी सम्मानित किया। राज्य के सभी जिलों में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले 95 राहवीरों को जिला स्तर पर सम्मान प्रदान किया गया।यह सम्मान जिला पदाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान दिया गया।

राहवीरों को मिलेगा सम्मान और आर्थिक सहायता

परिवहन सचिव राज कुमार ने इस अवसर पर आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करना केवल कानूनी रूप से सुरक्षित ही नहीं है, बल्कि यह मानवता का सबसे बड़ा उदाहरण भी है। सरकार की योजना के तहत गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की मदद करने वाले राहवीर को प्रशस्ति पत्र के साथ 25 हजार रुपये तक की पुरस्कार राशि दी जाती है। सरकार का उद्देश्य है कि लोग बिना किसी डर के सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए आगे आएं।