Bihar Election News: चुनाव वेंडरों को 11 माह से नहीं मिला पेमेंट, भारी कर्ज में डूबे वेंडर, मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 संपन्न होने के 10-11 महीने बीत जाने के बाद भी वेंडरों का भुगतान अटका हुआ है। बजट आवंटन न होने से वेंडर व मजदूर भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। संघ ने मुख्यमंत्री से अविलंब भुगतान की मांग की है।

चुनाव खत्म हुए 10 महीने बीते, लेकिन वेंडरों का भुगतान अब भी अटका- फोटो : news 4 nation

बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुए और नई सरकार का गठन हुए करीब 10 से 11 महीने बीत चुके हैं, लेकिन चुनाव कार्य में लगे वेंडरों का बकाया भुगतान अब तक नहीं हो सका है। बिहार निर्वाचन विभाग के दिशा-निर्देश पर जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा आमंत्रित निविदा के आधार पर विभिन्न सेवाओं के लिए वेंडरों का चयन किया गया था। हालांकि, निर्वाचन शाखाओं द्वारा सेवाएं लेने के बावजूद बजट आवंटन के अभाव में पेमेंट की प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। 


सीसीटीवी, वाहन, टेंट और कैटरिंग सहित 9 श्रेणियों के वेंडर प्रभावित

चुनाव कार्य को गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन विभाग ने 9 प्रमुख सेवाओं के वेंडरों को काम सौंपा था। इसमें सीसीटीवी, स्टेशनरी, कंप्यूटर, फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी, टेंट-लाइट-साउंड, प्रिंटिंग प्रेस, कैटरिंग (खाना-पानी व चाय-नाश्ता), भाड़े के वाहन तथा मैनपावर व ईवीएम प्रबंधन से जुड़े वेंडर शामिल थे। सभी वेंडरों ने जिला प्रशासन के आदेशों का पूरी निष्ठा से अनुपालन किया, लेकिन समय पर पारिश्रमिक न मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। 

भारी ब्याज के बोझ तले दबे वेंडर, घर-मकान बेचने की आई नौबत

चुनावी सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए वेंडरों ने बाजार व बैंकों से भारी ब्याज दर पर कर्ज लिया था। समय पर भुगतान न मिलने के कारण अब कर्ज का ब्याज चुकाते-चुकाते कई वेंडरों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कुछ वेंडरों के घर और मकान बिक चुके हैं, जबकि कई अन्य अपनी दुकान और संपत्ति बेचने की कगार पर आ पहुंचे हैं। इसका सीधा असर उनके साथ काम करने वाले लाखों दिहाड़ी श्रमिकों व मजदूरों पर भी पड़ा है।   


बच्चों की पढ़ाई ठप, बेटियों की शादी रुकी; परिवारों के सामने बड़ा संकट

भुगतान में हो रही देरी का असर वेंडरों के पारिवारिक जीवन पर बेहद दर्दनाक तरीके से पड़ रहा है। आर्थिक तंगी के कारण कई वेंडरों की बेटियों की शादियां रुक गई हैं, तो कई वेंडरों के बच्चों की स्कूल व कॉलेज फीस जमा न होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 'बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 से जुड़े प्रभावित वेंडर संघ' ने अपनी स्थिति को अत्यंत दुखद और विचारणीय बताया है। 


त्योहारों से पहले बकाया राशि जारी करने के लिए मुख्यमंत्री से गुहार

दुर्गापूजा, दीपावली और महापर्व छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों को नजदीक देखते हुए प्रभावित वेंडरों और मजदूरों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वेंडर संघ ने प्रेस व मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग से गुहार लगाई है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें। उन्होंने मांग की है कि संबंधित विभाग को तुरंत बजट आवंटन उपलब्ध कराकर लंबित भुगतान अविलंब कराया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।