बिहार भाजपा ने राज्यसभा के लिए चला दांव, नितिन नवीन और शिवेश कुमार के नाम पर लगी मुहर
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक सूची में बिहार भाजपा के कद्दावर नेता और सरकार में मंत्री नितिन नवीन को राज्यसभा भेजने का फैसला लिया गया है।
Patna - भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने बिहार में राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दे दिया है। बिहार सरकार में वरिष्ठ मंत्री और कुशल संगठनकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले नितिन नवीन को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। नितिन नवीन को राज्यसभा भेजने का निर्णय पार्टी के भीतर उनकी बढ़ती साख और उनके द्वारा किए गए सांगठनिक कार्यों का प्रतिफल माना जा रहा है।
शिवेश कुमार भी जाएंगे राज्यसभा, समीकरणों पर टिकी नजर
नितिन नवीन के साथ-साथ भाजपा ने शिवेश कुमार को भी बिहार से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने इन दो नामों के जरिए बिहार के राजनीतिक और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है। शिवेश कुमार की उम्मीदवारी को पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह देने के रूप में देखा जा रहा है। इन दोनों चेहरों के मैदान में आने से बिहार की राज्यसभा सीटों पर मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।
द्विवार्षिक चुनाव 2026: पांच सीटों के लिए होनी है जंग
बिहार में राज्यसभा की पांच खाली होने वाली सीटों पर चुनाव होने हैं। इन सीटों पर कब्जे को लेकर सत्ताधारी एनडीए गठबंधन और विपक्षी महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। भाजपा ने अपने कोटे की सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। राज्यसभा भेजने के लिए पार्टी ने ऐसे चेहरों को चुना है जो दिल्ली की राजनीति में बिहार के हितों को मजबूती से रख सकें।
केंद्रीय सूची में अन्य राज्यों के दिग्गजों को भी मिली जगह
भाजपा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में केवल बिहार ही नहीं, बल्कि असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के उम्मीदवारों के नामों का भी उल्लेख है। असम से तेरश गोवाला और जोगेन मोहन, छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा, हरियाणा से संजय भाटिया, ओडिशा से मनमोहन सामल व सुजीत कुमार और पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा को प्रत्याशी बनाया गया है। यह सूची देशभर में भाजपा की आगामी चुनावी तैयारी का खाका पेश करती है।
विपक्ष की अगली चाल और सदन का नया स्वरूप
भाजपा की इस घोषणा के बाद अब सबकी नजरें विपक्षी दलों, विशेषकर राजद और कांग्रेस की अगली सूची पर टिकी हैं। नितिन नवीन जैसे सक्रिय नेता के राज्यसभा जाने से बिहार सरकार और संगठन में भी फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। आगामी दिनों में नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया के साथ ही बिहार का सियासी पारा और चढ़ना तय है, क्योंकि राज्यसभा की इन पांच सीटों के परिणाम भविष्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।