बिहार में होंगे राष्ट्रमंडल और विश्व कप के मैच!, 2034 के नेशनल गेम्स और प्रो-लीग के लिए बजट में भारी प्रावधान!
राजगीर में सफल एशियाई महिला हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के बाद अब बिहार सीधे वैश्विक पटल पर हॉकी वर्ल्ड कप और राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) की मेजबानी का सपना देख रहा है।
Patna - बिहार अब केवल 'मजदूरों का प्रदेश' नहीं, बल्कि 'खिलाड़ियों का हब' बनने की राह पर है। मंगलवार को पेश हुए बजट में सरकार ने खेल क्षेत्र के लिए जो रोडमैप पेश किया है, वह बेहद चौंकाने वाला और साहसिक है। बिहार ने वर्ष 2030 के पुरुष हॉकी विश्व कप और राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। इसके साथ ही, अगले एक दशक के लिए अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रो-लीग और नेशनल गेम्स का पूरा कैलेंडर बिहार के पक्ष में मोड़ने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
वर्ल्ड कप और राष्ट्रमंडल खेलों पर 'निशाना'
बिहार सरकार ने बजट में यह स्पष्ट कर दिया है कि उसकी नजर अब छोटे आयोजनों पर नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों पर है। साल 2030 में होने वाले पुरुष हॉकी विश्व कप और बहु-खेल प्रतियोगिता राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का दावा करना बिहार की बदलती खेल अवसंरचना (Infrastructure) का प्रमाण है। हालांकि, राष्ट्रमंडल खेलों के विशिष्ट खेलों की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन इस दावे ने देश के खेल गलियारों में हलचल मचा दी है।
हॉकी प्रो-लीग और नेशनल गेम्स का रोडमैप
बजट प्रस्ताव के अनुसार, बिहार वर्ष 2026 की FIH हॉकी प्रो-लीग की मेजबानी करने को तैयार है। इसके अलावा, देश में पहली बार आयोजित होने वाले 2028 के नेशनल यूथ गेम्स और 2034 के राष्ट्रीय खेलों (National Games) के लिए भी बिहार ने अपनी दावेदारी मजबूती से अंकित की है। यह योजना दर्शाती है कि राज्य सरकार अगले 8-10 वर्षों के लिए एक दीर्घकालिक स्पोर्ट्स कैलेंडर पर काम कर रही है।
नौ प्रमंडलों में बनेंगे 'इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स'
मेजबानी के इन बड़े दावों को हकीकत में बदलने के लिए बुनियादी ढांचे पर जोर दिया जा रहा है। राज्य के सभी 9 प्रमंडलीय मुख्यालयों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेल संरचना तैयार करने के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। पूर्णिया और सहरसा प्रमंडल में निर्माण कार्य पहले से ही युद्धस्तर पर जारी है। यह स्टेडियम न केवल मेजबानी में मदद करेंगे, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय ट्रेनिंग भी प्रदान करेंगे।
8,053 पंचायतों में 'एक गांव, एक मैदान' का लक्ष्य
जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने प्रदेश की सभी 8,053 ग्राम पंचायतों में कम-से-कम एक खेल मैदान बनाने का लक्ष्य रखा है। सरकार के दावों के मुताबिक, अब तक 5,341 मैदान चिह्नित किए जा चुके हैं, जिनमें से 4,849 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। यह पहल ग्रामीण बिहार के युवाओं को मोबाइल स्क्रीन से निकालकर मैदान तक लाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।
प्रखंड स्तर पर स्टेडियमों का जाल
मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत प्रखंड स्तर पर भी खेल अवसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में 257 स्टेडियमों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 46 नए स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। बजट में खेलों के लिए इस बड़े निवेश और विजन ने यह साफ कर दिया है कि बिहार अब खेल के क्षेत्र में 'बैकबेंच' से निकलकर सीधे 'फ्रंट सीट' पर बैठने की तैयारी कर चुका है।
| वर्ष | प्रस्तावित खेल आयोजन |
| 2026 | FIH हॉकी प्रो-लीग |
| 2028 | नेशनल यूथ गेम्स |
| 2030 | पुरुष हॉकी विश्व कप / राष्ट्रमंडल खेल |
| 2034 | राष्ट्रीय खेल (National Games) |