बिहार के स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर बड़ा सियासी बवाल, विधानसभा में CM ने संभाला मोर्चा, कहा-1 महीने में होगी भर्ती, एक लाख शिक्षकों की बहाली होगी
खाली पदों को भरने के लिए TRE-4 के माध्यम से BPSC को अधियाचना भेजी गई है। बीपीएससी की प्रक्रिया पूरी होते ही शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी।
Bihar Assembly Monsoon Session: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सत्ता पक्ष के अंदर से ही सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।सदन में सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि खाली पदों को भरने के लिए TRE-4 के माध्यम से BPSC को अधियाचना भेजी गई है। बीपीएससी की प्रक्रिया पूरी होते ही शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी।हालांकि, श्याम रजक ने फिर सवाल उठाया कि आखिर नियुक्ति की समय सीमा क्या होगी। इस पर मंत्री ने कहा कि उनकी चिंता जायज है और जैसे ही BPSC बहाली प्रक्रिया पूरी करेगा, शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी।
इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद खड़े हुए और मामले में हस्तक्षेप किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शिक्षा विभाग को इस विषय को गंभीरता से देखने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने सदन में आश्वासन दिया कि एक महीने के अंदर इन विद्यालयों में शिक्षक उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
जनता दल यूनाइटेड विधायक श्याम रजक ने सदन में अपनी ही सरकार को घेरते हुए शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।प्रश्नकाल के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए श्याम रजक ने कहा कि इन स्कूलों में करीब 62 फीसदी शिक्षक पद खाली हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब बड़ी संख्या में शिक्षक ही नहीं होंगे तो बच्चों की पढ़ाई किस तरह बेहतर होगी।
श्याम रजक ने शिक्षा विभाग के जवाब पर असंतोष जताते हुए सरकार से स्पष्ट समय सीमा बताने की मांग की। उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रक्रिया बताने से काम नहीं चलेगा, यह बताना होगा कि शिक्षकों की नियुक्ति कब तक होगी।
जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री लखेंद्र कुमार ने सदन को बताया कि राज्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर विद्यालयों में कुल 3456 शिक्षक हैं और वर्तमान में 91 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि माध्यमिक स्तर पर 1456 पद और उच्च माध्यमिक स्तर पर 950 पद स्वीकृत हैं। कुल मिलाकर 2406 पद स्वीकृत हैं, जिनमें अभी 1290 शिक्षक कार्यरत हैं।
वहीं, विधानसभा में स्कूल भवनों की कमी का मुद्दा भी उठा। इस पर मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले छह महीने में जिन विद्यालयों के पास जमीन नहीं है, उन्हें जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।शिक्षा मंत्री ने भी सदन में सरकार का विजन रखते हुए कहा कि आने वाले पांच वर्षों में राज्य में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
विधानसभा में हुई इस बहस ने साफ कर दिया कि शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक नियुक्ति बिहार सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि मुख्यमंत्री का एक महीने वाला आश्वासन जमीन पर कितना असर दिखाता है।