सिर्फ प्लेट धोने और पानीपुरी बेचने आते हैं उत्तर भारतीय... तमिलनाडु के कृषि मंत्री के इस बयान पर क्यों उबल पड़ा बिहार?
Patna - : तमिलनाडु के कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम द्वारा उत्तर भारतीयों पर की गई अपमानजनक टिप्पणी ने एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस बयान के विरोध में बिहार विधान परिषद ने सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया है, जबकि तमिलनाडु में भी विपक्ष ने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था में योगदान देने वाले श्रमिकों का अपमान बताया है।
पन्नीरसेल्वम का विवादित बयान: "सिर्फ प्लेट धोने और पानीपुरी बेचने आते हैं लोग"
तमिलनाडु के वरिष्ठ द्रमुक (DMK) नेता और कृषि मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने मथुरांतकम में एक सार्वजनिक सभा के दौरान उत्तर भारतीयों को लेकर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत से लोग तमिलनाडु केवल पानीपुरी बेचने, निर्माण कार्यों में मजदूरी करने और होटलों में टेबल साफ करने के लिए आते हैं। उन्होंने इसकी तुलना तमिलनाडु के युवाओं से की और कहा कि यहाँ के युवा शिक्षित होकर आगे बढ़ रहे हैं, जबकि उत्तर भारतीय राज्यों में विकास की कमी है।
बिहार विधान परिषद में गरमाया मुद्दा, सदन ने जताया कड़ा ऐतराज
मंत्री के इस बयान की गूंज बिहार की राजनीति में भी सुनाई दी। गुरुवार को बिहार विधान परिषद में भाजपा सदस्य संजय प्रकाश मयूख ने इस मुद्दे को उठाया और सदन से निंदा प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीयों का इस तरह अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इस पर सहमति जताई और सदन की गरिमा का हवाला देते हुए निंदा प्रस्ताव की प्रक्रिया शुरू की।
सदन में तीखी नोकझोंक: विपक्षी सदस्यों और सभापति के बीच बहस
चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों (राजद) ने मांग की कि उत्तराखंड और महाराष्ट्र में बिहारियों के खिलाफ होने वाली टिप्पणियों को भी इस प्रस्ताव में शामिल किया जाए। इस मांग को लेकर सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया। राजद के कारी सोहैब द्वारा बार-बार बाधा डालने पर सभापति ने कड़ी नाराजगी जताई। सभापति ने नियमन दिया कि यदि आगामी तीन दिनों तक बिना अनुमति के बोलने की कोशिश की गई, तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सदस्यता तक समाप्त की जा सकती है।
सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित, जदयू ने भी किया समर्थन
जदयू नेता नीरज कुमार ने सदन की नियमावली का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि वर्तमान में की गई टिप्पणी पर ही निंदा प्रस्ताव लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी बातों को इसमें जोड़ना तर्कसंगत नहीं है। इसके बाद सदन में मौजूद सभी दलों की सहमति से तमिलनाडु के मंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया गया। सभापति ने जोर देकर कहा कि यह 'उच्च सदन' है और यहाँ सभी से मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।
द्रमुक का बचाव और विपक्ष का पलटवार
विवाद बढ़ने पर द्रमुक नेताओं ने पन्नीरसेल्वम का बचाव करते हुए तर्क दिया कि मंत्री का उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा शासित उत्तर भारतीय राज्यों में शिक्षा और रोजगार के अवसरों की कमी है, जिसके कारण वहां के लोग पलायन कर तमिलनाडु आते हैं। दूसरी ओर, अन्नाद्रमुक (AIADMK) और भाजपा ने इस बयान को विभाजनकारी बताया और कहा कि प्रवासी मजदूर तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।