Bihar STF: बिहार में अपराधियों को मिल रहा गोली का जवाब गोली से, 4 महीने में 12 एनकाउंटर, सलाखों के पीछे पहुंचे सैकड़ों बदमाश, पुलिस का तगड़ा एक्शन

Bihar STF:दहशत फैलाने वाले अपराधियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने पिछले कुछ महीनों में ऐसा नेटवर्क ध्वस्त किया है, जिससे पूरे अपराध जगत में खौफ का माहौल है।....

बिहार में 4 महीने में 12 एनकाउंटर- फोटो : social Media

Bihar STF: बिहार में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ अब बिहार एसटीएफ ने मोर्चा पूरी तरह कड़ा कर दिया है। हथियार दिखाकर दहशत फैलाने वाले अपराधियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने पिछले कुछ महीनों में ऐसा नेटवर्क ध्वस्त किया है, जिससे पूरे अपराध जगत में खौफ का माहौल है। आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के शुरुआती चार महीनों में राज्य में कुल 12 पुलिस मुठभेड़ हुईं, जिनमें 4 कुख्यात अपराधी मारे गए, जबकि 9 अपराधियों को पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। औसतन हर महीने 3 एनकाउंटर ने यह साफ कर दिया है कि अब पुलिस “जीरो टॉलरेंस” मोड में है।

 29 अप्रैल को सुल्तानगंज नगर परिषद गोलीकांड में फरार चल रहे कुख्यात रामधनी यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। इस वारदात में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दिनदहाड़े नगर परिषद कार्यालय में घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या कर दी थी, जबकि सभापति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

इसी तरह सीवान में पूर्व एमएलसी के भांजे की हत्या में शामिल अपराधी छोटू कुमार यादव को मुठभेड़ में दोनों पैरों में गोली लगी, जिससे वह पकड़ा गया। वहीं 17 मार्च को मोतिहारी के चकिया इलाके में कुख्यात कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे को एनकाउंटर में मार गिराया गया। इस कार्रवाई के दौरान एसटीएफ के जवान श्रीराम यादव गंभीर रूप से घायल होकर शहीद हो गए थे। इससे पहले 6 फरवरी को वैशाली के हाजीपुर में एसटीएफ ने 30 से अधिक मामलों में वांछित और दो लाख के इनामी अपराधी प्रिंस उर्फ अभिजीत को ढेर किया था।

एसटीएफ की कार्रवाई सिर्फ एनकाउंटर तक सीमित नहीं रही है। पिछले 4 महीनों में 38 इनामी कुख्यातों समेत कुल 730 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें नक्सली और संगठित अपराध से जुड़े कई बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा बिहार के बाहर छिपे 21 और दूसरे राज्यों से 17 अपराधियों को भी पकड़कर लाया गया है।

सूची में कई कुख्यात नाम जैसे राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन, प्रह्लाद कुमार और नीतीश कुमार जैसे अपराधी शामिल हैं, जिन्हें लंबे समय से तलाशा जा रहा था। एसटीएफ की इस तेज और सख्त कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि बिहार में अब अपराध कर बच निकलना आसान नहीं रहेगा, और कानून के शिकंजे से कोई भी बच नहीं पाएगा।