पटना के बिक्रम में अवैध बालू खनन का बड़ा खुलासा: कौन है मास्टरमाइंड रंजन उर्फ फंटूश?

पटना जिले के बिक्रम के रानीतालाब क्षेत्र में अवैध बालू खनन (Illegal Sand Mining) की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं। नगहर, बाघाकोल और वजीरपुर जैसे गांवों में बालू माफिया रंजन उर्फ फंटूश ने प्रशासन की नाक के नीचे अपना साम्राज्य खड़ा कर लिया है।

Illegal Sand Mining Rani talab, Patna

बिहार में  बेख़ौफ़, बेलगाम और बेकाबू  खनन माफिया के तांडव से न केवल आम जनता त्रस्त है बल्कि सूबे कि सुशासन सरकार लगातार और बारम्बार बालू माफ़िया से निपटने को लेकर घोषणा करती रहती है लेकिन हकीकत कितनी स्याह है इसकी बानगी देखने खातिर कही सुदूर जिले में जाने कि जरुरत नहीं बल्कि राजधानी पटना के बिक्रम के रानीतालाब थाना क्षेत्रों के अंतर्गत पतुत, नगहर, बाघाकोल और वजीरपुर जैसे इलाकों में अवैध बालू खनन का काला कारोबार जोरों पर है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड रंजन उर्फ फंटूश है, जो तकनीक और लालच के दम पर धरती का सीना चीर रहा है। बताया जा रहा है कि फंटूश मुख्य बालू घाटों से दूर हटकर गरीब किसानों को आर्थिक सहायता का लालच देता है और उनकी उपजाऊ जमीन को 30 से 40 फीट गहरे गड्ढे में तब्दील कर देता है। इन खेतों से निकलने वाला 'सोना' जैसा कीमती बालू ऊंचे दामों पर बेचकर वह सरकार और प्रशासन को खुली चुनौती दे रहा है। इस अवैध धंधे का मास्टरमाइंड रंजन उर्फ फंटूश पर पूर्व से भी अवैध खनन के खिलाफ लगभग दर्जन भर केस दर्ज है।

प्राकृतिक संपदा की लूट: सोन नदी का पुराना स्रोत बना निशाना

विशेषज्ञों और बुजुर्गों की मानें तो दशकों पूर्व, जब सोन नदी के किनारे बांध नहीं बने थे, तब इन क्षेत्रों में नदी की धारा बहा करती थी। यही कारण है कि आज भी इन खेतों में महज 5 फीट की खुदाई करते ही उच्च गुणवत्ता वाला बालू मिल जाता है। फंटूश ने इसी भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाते हुए अवैध खनन का जाल बिछाया है। उपजाऊ खेतों में 40 फीट तक की खुदाई न केवल भू-जल स्तर को बिगाड़ रही है, बल्कि भविष्य के लिए कृषि योग्य भूमि को पूरी तरह बंजर और खतरनाक बना रही है।

सड़क किनारे सरकारी पेड़ से बालू माफिया तक का सफर

आरोपी रंजन उर्फ फंटूश का आपराधिक इतिहास काफी पुराना बताया जाता है। स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, उसने अपने जीवन की शुरुआत कनपा पुल पर टोकरी में बैंगन बेचकर की थी। इसके बाद उसने सड़क किनारे लगे सरकारी पेड़ों को काटकर बेचने का काम शुरू किया। धीरे-धीरे अपराध और अवैध कमाई की सीढ़ियां चढ़ते हुए उसने बालू माफिया के रूप में अपनी पहचान बना ली। आज इसी अवैध धन के बल पर वह अपने रसूख का विस्तार कर रहा है और क्षेत्र के तमाम अवैध खनन कार्यों के पीछे उसी का दिमाग बताया जाता है।

काली कमाई से सफेदपोश बनने की तैयारी और प्रशासनिक चुप्पी

सूत्रों का दावा है कि अवैध खनन से करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने के बाद अब फंटूश रियल एस्टेट बिजनेस और राजनीति में कदम रखने की फिराक में है। अपनी काली कमाई को "सफेद" करने के लिए वह सक्रिय रूप से सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में पैठ बना रहा है। क्षेत्र के लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि बिक्रम के रानीतालाब पुलिस की नाक के नीचे इतना बड़ा सिंडिकेट चल रहा है, लेकिन मास्टरमाइंड फंटूश अब भी कानून की पकड़ से बाहर है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस "बालू चोर" पर अविलंब कड़ी कार्रवाई की मांग की है।