किसानों के डिजिटल सशक्तिकरण में बिहार की बड़ी छलांग, एक दिन में 63 हजार से अधिक फार्मर रजिस्ट्री का रिकॉर्ड

बिहार में फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत अब तक 45.7% लक्ष्य पूरा हो चुका है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक दिन में 63,491 नए पंजीकरणों को प्रशासन और किसानों की सक्रियता का परिणाम बताया है ।

Patna : बिहार में किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाने के लिए संचालित 'फार्मर रजिस्ट्री' (FR) अभियान ने अब रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य ने अपने कुल लक्ष्य का 45.7 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त कर लिया है। सबसे खास बात यह रही कि सिर्फ एक ही दिन में 63,491 नए किसानों का नामांकन दर्ज किया गया है.

उपमुख्यमंत्री ने जताई संतोषजनक प्रगति

माननीय उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने इस अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त किया है । उन्होंने कहा कि एक दिन में 63 हजार से अधिक नामांकन होना यह दर्शाता है कि प्रशासन और किसान दोनों ही इस प्रक्रिया को लेकर बेहद गंभीर हैं । श्री सिन्हा ने जोर देकर कहा कि इस रजिस्ट्री का मुख्य उद्देश्य योजनाओं के लाभ को सीधे और पारदर्शी तरीके से पात्र किसानों तक पहुँचाना है ।

वैशाली और शिवहर जिलों का दबदबा

राज्य में फार्मर रजिस्ट्री के मामले में वैशाली जिला 92 प्रतिशत नामांकन के साथ शीर्ष स्थान पर काबिज है । इसके बाद शिवहर (87%), बेगूसराय (79%), कटिहार (79%) और बक्सर (77%) का स्थान आता है । इन अग्रणी जिलों ने न केवल बेहतरीन प्रदर्शन किया है, बल्कि अन्य जिलों के लिए कार्यप्रणाली का एक सफल मॉडल भी पेश किया है ।

आज के पंजीकरण में इन जिलों का रहा जलवा

सोमवार को हुए विशेष पंजीकरण अभियान में कटिहार, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, मधेपुरा और सुपौल जिलों का योगदान सबसे उल्लेखनीय रहा । इन जिलों की सक्रियता के कारण ही एक दिन में रिकॉर्ड 63,491 नए किसानों का डेटा सिस्टम में दर्ज किया जा सका ।

पिछड़ रहे जिलों के लिए विशेष रणनीति

जहाँ कुछ जिले लक्ष्य के करीब हैं, वहीं सारण (17%), जमुई (19%), सिवान (21%) और पूर्वी चंपारण (26%) में प्रगति अभी काफी धीमी है । राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव श्री सीके अनिल के अनुसार, इन कम प्रगति वाले जिलों में ब्लॉक स्तर पर मॉनिटरिंग बढ़ाई गई है । यहाँ 'पीएम किसान' सूची के आधार पर लक्षित रणनीति अपनाकर अभियान को तेज किया जा रहा है ।

पारदर्शिता और सीधे लाभ का लक्ष्य

इस अभियान का अंतिम लक्ष्य हर पात्र किसान को डिजिटल रूप से पंजीकृत करना है । उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन जिलों में प्रगति धीमी है, वहाँ विशेष रणनीति के तहत काम होगा ताकि राज्य के सभी पात्र किसान सरकारी लाभों से वंचित न रहें । विभागीय अधिकारी और कर्मचारी इस समय मिशन मोड में काम कर रहे हैं ।

आंकड़ों में फार्मर रजिस्ट्री की स्थिति

अब तक राज्य के 85,53,570 पीएम किसान लाभार्थियों में से 39,13,143 किसानों का नामांकन पूरा हो चुका है। इसके अलावा, पीएम किसान से सीधे जुड़े 21,46,896 किसानों का पंजीकरण भी सफलतापूर्वक दर्ज किया गया है, जो राज्य की कृषि योजनाओं में पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम है ।