Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का रौद्र रूप, 7 तटबंध टूटे, घर बहा, रिहायशी इलाके में घुसा मगरमच्छ
Bihar Flood: बिहार में गंडक, कोसी और बागमती समेत कई नदियों ने विकराल रूप अख्तियार कर लिया है।
Bihar Flood: नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बिहार में गंडक, कोसी और बागमती समेत कई नदियों ने विकराल रूप अख्तियार कर लिया है। उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। गंडक नदी के तेज बहाव ने तटबंधों को अपनी जद में ले लिया है। अब तक छह जिलों में सात तटबंध टूटने की बात सामने आई है, जबकि करीब 2.03 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। गांवों से लेकर शहरों तक पानी का दबाव बढ़ने से लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। पटना से बेगूसराय और खगड़िया तक गंगा के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पटना के कई घाट एक बार फिर जलमग्न हो गए हैं।
सारण के मकेर में गंडक का कहर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। बाघाकोल और हैजलपुर के पास सारण मुख्य तटबंध दो जगह टूट गया। बताया जा रहा है कि दोनों स्थानों पर मिलाकर करीब 160 फीट तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ है। बांध टूटने के बाद पानी के तेज बहाव ने आसपास के इलाकों में तबाही मचा दी। छपरा के हजलपुर गांव में पानी की धार इतनी तेज थी कि एक घर टूटकर बह गया। ग्रामीणों के सामने अपने आशियाने और सामान को बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
गोपालगंज से चंपारण तक टूटा तटबंध
गोपालगंज के बैकुंठपुर में शीतलपुर के पास जमींदारी बांध भी गंडक के दबाव को नहीं झेल सका। बांध टूटने के बाद आसपास के गांवों में पानी तेजी से फैल गया। पश्चिम चंपारण में भी हालात बेहद गंभीर हैं। बगहा के खैरटवा, बैरिया के फूलिया खांड और योगापट्टी के गोलाघाट भवानीपुर में तटबंध टूटने से निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है।मुजफ्फरपुर भी गंडक के प्रकोप से अछूता नहीं है। पारू प्रखंड के जयमल डुमरी में मुख्य तटबंध टूटने के बाद आसपास के क्षेत्रों में पानी फैल गया। इसके अलावा महेश छपरा के पास एनएच-722 के रिंग बांध के क्षतिग्रस्त होने से भी संकट बढ़ गया है।
बाढ़ में बहते दिखे दो तेंदुए
बाढ़ का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है। सारण में गंडक के तेज बहाव के बीच दो तेंदुए पानी में बहते नजर आए। इनमें से एक तेंदुआ किसी तरह तैरकर किनारे पहुंचा और पेड़ पर चढ़ गया, जबकि दूसरा पानी के तेज बहाव के साथ आगे निकल गया। बगहा में भी बाढ़ के पानी के कारण वन्य जीव रिहायशी इलाकों की तरफ आने लगे हैं।ठकराहा के भवानी टोला में बीती रात एक मगरमच्छ घर में घुस गया। घर के भीतर मगरमच्छ देखकर परिवार और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। बाढ़ के पानी के साथ वन्य जीवों के आबादी वाले इलाकों में पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।
गंगा भी दिखा रही तेवर
उधर, पटना से बेगूसराय और खगड़िया तक गंगा के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। पटना के कई घाट एक बार फिर जलमग्न हो गए हैं। बेगूसराय और खगड़िया में भी बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
बाढ़ के पानी ने सड़क संपर्क पर भी असर डाला है। छपरा-सत्तरघाट स्टेट हाईवे और अरेराज-हाजीपुर मुख्य पथ समेत कई महत्वपूर्ण मार्गों पर पानी चढ़ गया है। कुछ स्थानों पर आवागमन रोकना पड़ा है।नेपाल की भारी बारिश और नदियों में बढ़े जलस्तर के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती तटबंधों को सुरक्षित रखना और प्रभावित आबादी तक राहत पहुंचाना है। उत्तर बिहार के कई इलाकों में लोग ऊंचे स्थानों और सुरक्षित ठिकानों की ओर जाने को मजबूर हैं। प्रशासन के सामने एक साथ बाढ़ नियंत्रण, राहत-बचाव और रिहायशी इलाकों में पहुंच रहे वन्य जीवों से निपटने की चुनौती खड़ी हो गई है।
-हीरेश कुमार