Bihar Flood: बिहार पर फिर बाढ़ का बड़ा खतरा, सुपौल से बगहा तक पानी का कहर, पटना में कटाव तेज

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का संकट एक बार फिर गहराने लगा है। नेपाल के तराई इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बाद कोसी और गंडक नदियां उफान पर हैं। ..

बिहार पर फिर बाढ़ का बड़ा खतरा- फोटो : reporter

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का संकट एक बार फिर गहराने लगा है। नेपाल के तराई इलाकों में लगातार हो रही बारिश के बाद कोसी और गंडक नदियां उफान पर हैं। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से राज्य के 17 जिलों के करीब 6 हजार गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है, जबकि लगभग 500 गांव बाढ़ के पानी से घिरे बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल अब रात गुजारने और दो वक्त के खाने का है।

सुपौल में करीब 50 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए कोसी बराज के 43 गेट और गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। इससे निचले इलाकों में पानी का दबाव बढ़ने और नए क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

पश्चिम चंपारण के बगहा में पांच गांवों के कई परिवारों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिन आंगनों में कुछ दिन पहले तक चूल्हे जल रहे थे, वहां अब पानी जमा है। घरों में रखा राशन और जरूरी सामान भी पानी में फंस गया है। कई परिवार बच्चों और बुजुर्गों को लेकर ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। कुछ लोग छोटी नावों के सहारे सुरक्षित जगह तक पहुंचने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

इधर, पटना के बाढ़ के दियारा इलाके में करीब एक किलोमीटर के दायरे में भीषण कटाव हो रहा है। कटाव की रफ्तार से चिरैया गांव पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों में घर और जमीन बचाने को लेकर चिंता बढ़ गई है।

बांका के शंभूगंज प्रखंड के पौकरी गांव के समीप बदुआ नदी में शनिवार को विशाल मगरमच्छ दिखाई देने से भी ग्रामीणों में दहशत फैल गई। बाढ़ के पानी के साथ जलीय जीवों के रिहायशी इलाकों की ओर आने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।मौजूदा हालात में बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने खाने-पीने, सुरक्षित ठिकाने और बच्चों-बुजुर्गों की हिफाजत सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रशासन और राहत एजेंसियों के लिए भी जलस्तर बढ़ने के साथ प्रभावित इलाकों तक मदद पहुंचाना बड़ी चुनौती है।