Bihar PNG connection:बिहार में गैस सिस्टम बदला, अब लाइन नहीं, ऑनलाइन मिलेगा गैस कनेक्शन, 3 महीने में नहीं लिया कनेक्शन तो एलपीजी सप्लाई होगी बंद, जानिए पूरी प्रक्रिया

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने साफ कर दिया है कि अब लोग घर बैठे ऑनलाइन PNG कनेक्शन के लिए दरख्वास्त दे सकते हैं। यानी लंबी लाइनों और दफ्तरों के चक्कर से निजात मिलेगी।

बिहार में गैस सिस्टम बदला- फोटो : social Media

Bihar PNG connection: मुल्क और दुनिया की सियासत में जारी ईरान-अमेरिका-इजराइल  युद्द अब आम जनता की रसोई तक असर डालता दिख रहा है। जंग के साए में एलपीजी की सप्लाई को लेकर अफवाहों और आशंकाओं का बाज़ार गर्म है, लेकिन इसी दरमियान बिहार से एक अहम और राहतभरी खबर सामने आई है। सूबे में घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन को अब आसानबनाने का एलान किया गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने साफ कर दिया है कि अब लोग घर बैठे ऑनलाइन PNG कनेक्शन के लिए दरख्वास्त दे सकते हैं। यानी लंबी लाइनों और दफ्तरों के चक्कर से निजात मिलेगी। हुकूमत ने हर जिले के लिए कंपनी का ताय्युन पहले ही कर दिया है पटना में गेल, बांका में एचपीसीएल, बेगूसराय में थिंक गैस, गया-नालंदा में IOAGPL, जबकि दरभंगा समेत कई जिलों में बीपीसीएल और बाकी इलाकों में IOCL सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां खिदमत देंगी।

दरख्वास्त के बाद आवेदक को पहचान और पते के दस्तावेज अपलोड करने होंगे। तस्दीक (verification) के बाद एक यूनिक बीपी नंबर जारी होगा, जो आगे बिलिंग और सर्विस के लिए जरूरी रहेगा। कनेक्शन के लिए ₹4500 की सिक्योरिटी जमा करनी होगी, जो बगैर सूद के रिफंडेबल होगी।

उधर, केंद्रीय सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि जिन इलाकों में PNG उपलब्ध है, वहां इसे लेना लाज़िमी होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से जारी हिदायत के मुताबिक, अगर उपभोक्ता तीन महीने के भीतर PNG कनेक्शन नहीं लेते, तो उनके LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। हालांकि, जहां पाइपलाइन मुमकिन नहीं है, वहां NOC के आधार पर LPG जारी रहेगी।किरायेदारों के लिए भी नया क़ायदा सामने आया हैउन्हें मकान मालिक की रज़ामंदी से ही PNG कनेक्शन लेना होगा, वरना एजेंसी से NOC लेना जरूरी होगा।

सरकार ने तमाम अफवाहों को खारिज करते हुए कहा है कि मुल्क में पेट्रोल, डीजल, LPG और PNG की सप्लाई मुकम्मल तौर पर सामान्य है। लेकिन सियासी और जियो-पॉलिटिकल हालात के बीच यह नया फैसला आने वाले दिनों में आम आदमी की रसोई और जेब दोनों पर असर डाल सकता है।