Bihar road: बिहार में 7 साल तक सड़कों का होगा नियमित रखरखाव, 21 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
Bihar road: बिहार सरकार 21,000 करोड़ रुपये की लागत से 19,327 किमी सड़कों के लिए नई सड़क रखरखाव नीति लागू करने जा रही है। AI तकनीक और तेज मरम्मत इस नीति की खासियत होगी।
Bihar road: बिहार सरकार राज्य की सड़क व्यवस्था को मजबूत, सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत एक नई सड़क रखरखाव नीति लागू की जाएगी, जिसके अंतर्गत अगले सात वर्षों तक पूरे राज्य की 19,327 किलोमीटर सड़कों का नियमित रखरखाव किया जाएगा। इस योजना पर करीब 21,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे जुड़ा प्रस्ताव सरकार की लोक वित्त समिति के समक्ष पेश किया गया है। समिति की मंजूरी के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।
क्यों लाई जा रही है नई सड़क रखरखाव नीति
सरकारी अधिकारियों के अनुसार मौजूदा सड़क रखरखाव व्यवस्था में कई व्यावहारिक और प्रशासनिक दिक्कतें सामने आ रही थीं। नई नीति इन्हीं कमियों को दूर करने के उद्देश्य से तैयार की गई है, ताकि सड़क मरम्मत का काम तेज, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से हो सके। सबसे अहम बदलाव यह होगा कि अब सड़क रखरखाव एजेंसियों को मरम्मत के लिए अलग-अलग प्रशासनिक मंजूरियों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे गड्ढों और क्षतिग्रस्त सड़कों की तुरंत मरम्मत संभव हो सकेगी।
100 पैकेजों में बांटा जाएगा पूरा काम
नई नीति के तहत पूरे राज्य में सड़क रखरखाव कार्य को 100 पैकेजों में विभाजित किया जाएगा। यह काम मंडलवार टेंडर प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलते ही निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। गौरतलब है कि यह बिहार सरकार की तीसरी सड़क रखरखाव नीति होगी, जिसे पहले की नीतियों के अनुभव के आधार पर और ज्यादा व्यावहारिक बनाया गया है।
AI और मशीन लर्निंग से होगी सड़कों की निगरानी
इस नीति की सबसे खास बात यह है कि सड़क निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यालय स्तर पर एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जहां से पूरे राज्य की सड़कों की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। AI और मशीन लर्निंग से लैस वाहन सड़कों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान ली गई तस्वीरें और डेटा रियल टाइम में कंट्रोल सेंटर को भेजे जाएंगे, जिससे सड़क की खराब स्थिति की पहचान तुरंत हो सकेगी और मरम्मत में देरी नहीं होगी।
पुलों के रखरखाव की भी व्यवस्था
नई नीति के अंतर्गत चयनित कंपनियां राज्य राजमार्गों पर छह मीटर तक लंबे पुलों का भी रखरखाव करेंगी। वहीं, छह मीटर से अधिक लंबे पुलों के मामलों में उनसे जुड़ी सहायक सड़कों का रखरखाव इस योजना के तहत किया जाएगा।
नीतीश सरकार की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर पहल
यह नीति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उस सोच के अनुरूप है, जिसमें बिहार में सड़क और परिवहन अवसंरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस नीति से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।समय पर सड़क मरम्मत से दुर्घटनाओं में कमी आएगी, जिलों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आम लोगों को सुरक्षित व सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी।