महाराणा प्रताप जयंती पर जुटे मंत्री और सामाजिक कार्यकर्ता, सीएम सम्राट ने याद किया वीर शिरोमणि का अदम्य साहस
छोटू सिंह ने बताया कि महाराणा प्रताप मेवाड़ के महान राजपूत शासक थे, जिन्हें उनकी वीरता, स्वाभिमान और मुगल सम्राट अकबर के खिलाफ संघर्ष के लिए जाना जाता है।
पटना के रेडियो स्टेशन गोलंबर पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती राजकीय समारोह के रूप में शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में बिहार सरकार की भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। वहीं सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शीला मंडल समेत कई गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
इसके अलावा नागरिक परिषद के महासचिव अरविंद कुमार उर्फ़ छोटू सिंह, शिव शंकर निषाद, मुकेश सिंह, अजय सिंह, सिवान शाहिद सहित कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों पर चलने की अपील की।
कौन थे महाराणा प्रताप
छोटू सिंह ने बताया कि महाराणा प्रताप मेवाड़ के महान राजपूत शासक थे, जिन्हें उनकी वीरता, स्वाभिमान और मुगल सम्राट अकबर के खिलाफ संघर्ष के लिए जाना जाता है। उन्होंने मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया। हल्दीघाटी का युद्ध उनके साहस और पराक्रम का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।
सीएम सम्राट का संदेश
उन्होंने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा महाराणा प्रताप की जयंती को हर वर्ष राजकीय महोत्सव के रूप में मनाने की जो पहल की गई थी उसी अनुरूप बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में इसे भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली भाजपा को बड़ी जीत के बाद आज शपथ ग्रहण समारोह में सम्राट चौधरी के गए हैं. उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि 'अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका संघर्ष, त्याग और अटूट संकल्प आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उनका जीवन हमें सम्मान, साहस और राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहने का संदेश देता है।'