Bihar Politics : टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमले की पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने की कड़ी निंदा, हिंसा नहीं हो सकता राजनीतिक मतभेद का जवाब

Bihar Politics : बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने TMC के सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ हुई मारपीट की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है......पढ़िए आगे

Bihar Politics : टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमले की पूर्व
हमले की कड़ी निंदा - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ हुई  मारपीट की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल या नेता के खिलाफ असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसा और मारपीट का कोई स्थान नहीं है।

मुकेश सहनी ने कहा कि देश का लोकतंत्र विचारों की विविधता और स्वस्थ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा पर आधारित है। यदि राजनीतिक विरोधियों को डराने, धमकाने या उन पर शारीरिक हमला करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया जाएगा, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक कार्यकर्ता पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था पर भी हमला माना जाना चाहिए।

वीआईपी प्रमुख ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और अपने कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों पर अंकुश लगाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का चाल, चलन और चेहरा लगातार असहिष्णु राजनीति को बढ़ावा देने वाला दिखाई दे रहा है। राजनीतिक विरोधियों के प्रति आक्रामक रवैया लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके कार्यकर्ता कानून और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करें।

मुकेश सहनी ने कहा कि देश की राजनीति संवाद, बहस और जनहित के मुद्दों पर आधारित होनी चाहिए, न कि हिंसा और टकराव की संस्कृति पर। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना आवश्यक है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को व्यक्तिगत हमलों और हिंसक घटनाओं में बदलना देशहित में नहीं है। उन्होंने मांग की कि अभिषेक बनर्जी के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मुकेश सहनी ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी दलों को मिलकर काम करना होगा।

देबांशु की रिपोर्ट