सरकारी खजाने पर डाका डालने वाले 'साहबों' की अब खैर नहीं! नवनिर्माण के नाम पर पुराने बजट का खेल खत्म, अपर सचिव ने दी कठोर कार्रवाई की चेतावनी!
बिहार सरकार ने सरकारी भवनों की मरम्मत के नाम पर होने वाली वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए नया निर्देश जारी किया है। अब सामान्य रखरखाव के लिए अलग से बजट नहीं मिलेगा, और नियम तोड़ने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Patna - : बिहार सरकार ने जिलों में स्थित सामान्य प्रशासन विभाग और अन्य सरकारी विभागों के भवनों के रखरखाव और मरम्मत कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए नया फरमान जारी किया है । सरकार के अपर सचिव राजेश कुमार सिंह द्वारा जारी इस पत्र में अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि मरम्मत के नाम पर दोहरा बजट पास कराने और वित्तीय अनियमितता की कोशिश अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।
एक ही काम के लिए दो बार बजट? सरकार ने पकड़ी चोरी
दस्तावेज़ के अनुसार, विभाग ने पाया कि जिलों में तैनात कई अधिकारी अपने आवास या कार्यालयों के सामान्य रखरखाव के लिए बार-बार प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव भेज रहे हैं । जबकि नियम यह है कि 'कुर्सी क्षेत्रफल' (Plinth Area) के आधार पर इन भवनों की मरम्मत के लिए प्रतिवर्ष राशि पहले से ही आवंटित की जाती है । इसके बावजूद अलग से प्रस्ताव भेजना न केवल कार्य का दोहराव है, बल्कि यह सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है ।
अपर सचिव का सख्त रुख: कठोरता से पालन का आदेश
सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल नवनिर्माण कार्य या विशेष मरम्मत कार्य (जो सामान्य रखरखाव के दायरे में न हो) के लिए ही प्रशासनिक स्वीकृति हेतु प्राक्कलन (Estimate) भेजा जाना चाहिए । सामान्य टूट-फूट के लिए अलग से बजट की मांग को स्वीकार नहीं किया जाएगा ।
अपर सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि इस नियम का पालन कठोरता से सुनिश्चित किया जाए । उन्होंने दो टूक कहा है कि किसी भी परिस्थिति में सरकारी धन का दुरुपयोग और कार्य का दोहराव स्वीकार्य नहीं है ।