डिजिटल गुंडागर्दी का अंत: बिहार सरकार ने DIG साइबर सेल को दी असीमित शक्तियां, आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों की अब खैर नहीं!
बिहार सरकार ने आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कानून का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटवाने के लिए साइबर क्राइम और सुरक्षा इकाई (CCSU) के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) को नोडल अधिकारी के रूप में ज
Patna - बिहार सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बेलगाम हो रहे कंटेंट और कानून की धज्जियां उड़ाने वाले तत्वों के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार किया है। गृह विभाग (विशेष शाखा) ने एक नई अधिसूचना जारी करते हुए डिजिटल दुनिया की गंदगी साफ करने का जिम्मा सीधे तौर पर पुलिस के आला अधिकारियों को सौंप दिया है । सरकार के इस कदम से साफ है कि अब अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में नफरत या भ्रम फैलाने वालों की खैर नहीं होगी।
डिजिटल 'गंदगी' पर सीधे प्रहार का अधिकार
आईटी एक्ट, 2000 की धारा 79 (3) (b) और सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 (संशोधन 2025) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है । अब बिहार में सोशल मीडिया पर किसी भी गैरकानूनी या आपत्तिजनक कंटेंट को 'टेक डाउन' (हटाने) के लिए नोटिस जारी करने का सर्वाधिकार पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG), साइबर क्राइम और सुरक्षा इकाई (CCSU), पटना को दे दिया गया है । यह फैसला उन लोगों के लिए सीधी चेतावनी है जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अशांति फैलाने के लिए करते हैं।
टेक डाउन नोटिस: अब तत्काल होगी कार्रवाई
नए नियमों के मुताबिक, यदि इंटरनेट या सोशल मीडिया पर कोई भी पोस्ट कानून का उल्लंघन करती पाई जाती है, तो DIG स्तर से सीधे संबंधित इंटरintermediary (जैसे फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम) को उसे हटाने का आदेश जारी किया जाएगा । इस प्रक्रिया में अब किसी भी तरह की ढिलाई की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। खास बात यह है कि इस पूरी कार्रवाई की सीधी रिपोर्टिंग सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव को की जाएगी, जो इस पूरे कानून के मुख्य नोडल अधिकारी हैं ।
पुराने ढीले-ढाले सिस्टम को किया गया ध्वस्त
सरकार ने इस आक्रामक नीति को लागू करने के लिए पुराने और कम प्रभावी आदेशों को कूड़ेदान में डाल दिया है। अधिसूचना में स्पष्ट उल्लेख है कि विभाग द्वारा पूर्व में जारी किया गया आदेश (अधिसूचना संख्या-3095, दिनांक 10-04-2024) अब पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है । इसका मतलब है कि अब नई साइबर सुरक्षा इकाई (CCSU) अधिक ताकत और स्पष्टता के साथ डिजिटल अपराधों और आपत्तिजनक कंटेंट पर प्रहार करेगी ।
पूरे बिहार में अलर्ट, रडार पर हर आपत्तिजनक पोस्ट
राज्यपाल के आदेश से जारी इस अधिसूचना की गूंज पूरे राज्य के प्रशासनिक गलियारों में सुनाई दे रही है। इसकी प्रतियां बिहार के सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP/SSP) को भेजी जा चुकी हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर भी निगरानी तेज की जा सके । 13 मार्च 2026 को जारी यह आदेश अब बिहार पुलिस को वह 'हथियार' देता है, जिससे वह सोशल मीडिया के जरिए होने वाली किसी भी बड़ी साजिश को वायरल होने से पहले ही खत्म कर सकती है ।