बिहार के गांवों में लगेगा टैक्स ! विधानसभा में विपक्ष की जोरदार नारेबाजी, सरकार ने बताया कैसे होगा लागू

संदीप सौरभ ने कहा कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गरीब और निम्न आय वर्ग के लोग रहते हैं। ऐसे में ग्राम पंचायतों को कई तरह के टैक्स और शुल्क लगाने का अधिकार देना आम ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकता है।

Bihar Gram Panchayat Tax Rules 2026- फोटो : news4nation

Bihar assembly : बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय कर और शुल्क लगाने के प्रस्ताव को लेकर मंगलवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। बिहार ग्राम पंचायत (कर, दर एवं शुल्क) नियमावली, 2026 को मंजूरी दिए जाने के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा और इसे ग्रामीण जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला फैसला बताया। इस नियमावली के तहत ग्राम पंचायतों को गांवों में 24 से अधिक प्रकार के स्थानीय टैक्स और शुल्क लगाने तथा उनकी वसूली करने का अधिकार दिए जाने की बात सामने आई है। इसी मुद्दे को पालीगंज से विधायक संदीप सौरभ ने सदन में उठाते हुए गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।


‘गरीब ग्रामीणों पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ’

संदीप सौरभ ने कहा कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गरीब और निम्न आय वर्ग के लोग रहते हैं। ऐसे में ग्राम पंचायतों को कई तरह के टैक्स और शुल्क लगाने का अधिकार देना आम ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल सकता है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था को लागू नहीं करने की मांग की। मामले पर सरकार की ओर से तत्काल जवाब नहीं आने के बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही में भी व्यवधान उत्पन्न हुआ।


स्पीकर के अनुरोध के बाद भी जारी रही नारेबाजी

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने विपक्षी सदस्यों से बार-बार नारेबाजी समाप्त कर सदन की कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया। हालांकि, इसके बावजूद विपक्षी सदस्यों का विरोध जारी रहा। इसके बाद उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने सरकार की ओर से सदन में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों द्वारा लगाए जाने वाले स्थानीय कर और शुल्क से संबंधित यदि सरकार कोई विधेयक लाती है, तो उस पर विधानसभा में चर्चा की जाएगी।


बिना सदन की अनुमति के लागू नहीं 

उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने स्पष्ट किया कि पंचायतों के स्थानीय कर और शुल्क से संबंधित कोई भी व्यवस्था बिना सदन की अनुमति के लागू नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार यदि इस संबंध में कोई विधेयक लाती है तो पहले सदन में उस पर चर्चा होगी और इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


सरकार के इस आश्वासन के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में टैक्स लगाने का मुद्दा बिहार विधानसभा में राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। विपक्ष इसे ग्रामीण जनता पर अतिरिक्त बोझ बता रहा है, जबकि सरकार का तर्क है कि पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए स्थानीय स्तर पर राजस्व जुटाने की व्यवस्था जरूरी है।