Bihar Budget 2026: 2 फरवरी से बिहार विधानमंडल का बजट सत्र, इस दिन पेश होगा बजट, नीतीश सरकार को घेरने का विपक्ष का मास्टर प्लान
Bihar Budget 2026: बिहार विधानमंडल का बजट सत्र कल यानी 2 फरवरी से शुरु होगा। बजट सत्र के दौरान जहां एक ओर सीएम नीतीश की सरकार विकास की राशि बताएगी तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार को घेरने का काम करेगी।
Bihar Budget 2026: बिहार विधानमंडल का बजट सत्र कल यानी 2 फरवरी से शुरु होगा जो 27 फरवरी तक चलेगा। सत्र में कुल 19 बैठकों वाले इस सत्र में सरकार अपने विकास एजेंडे के साथ भविष्य का रोडमैप पेश करेगी, जबकि विपक्ष फिलहाल सदन में सरकार को घेरने के लिए प्रभावी मुद्दों की तलाश में जुटा है। 3 फरवरी को नीतीश सरकार बजट पेश करेगी। 5 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार का जवाब होगा। 6 से 20 फरवरी को बजट पर सामान्य विमर्श और मतदान होगा। 14 से 26 फरवरी को राजकीय विधेयक पेश होगा। तो वहीं 25 से 27 फरवरी तक गैर-सरकारी संकल्प का कार्यक्रम तय है।
बजट सत्र का मुख्य आकर्षण
इस बार बजट सत्र का मुख्य आकर्षण ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ रहने की संभावना है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 2-2 लाख रुपये की बड़ी राशि देने का प्रावधान किया जाना है। ऐसे में इस योजना के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था बजट में करना सरकार के लिए अहम चुनौती होगी।
48 घंटे पहले नीतीश सरकार का बड़ा फैसला
वहीं, बिखरे हुए और संख्या बल में कमजोर विपक्ष को बजट सत्र में हंगामे का जो प्रमुख मुद्दा मिलता दिख रहा था। नीट छात्र शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामला उस पर सत्र शुरू होने से 48 घंटे पहले सत्तापक्ष ने सीबीआई जांच की घोषणा कर विपक्ष की धार को काफी हद तक कुंद कर दिया है। इसके बाद मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के रणनीतिकार अब सदन में सरकार को घेरने के लिए नए मुद्दों की तलाश में हैं।
सात निश्चय-3 होगा बजट का मुख्य एजेंडा
बिहार सरकार के बजट 2026 का फोकस मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय-3’ के वादों को पूरा करने पर रहेगा। पिछले विधानसभा चुनाव में किए गए वादों को इसी एजेंडे में समाहित करते हुए अगले पांच वर्षों में राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए वर्तमान प्रति व्यक्ति आय में हर साल कम से कम 16 प्रतिशत वृद्धि हासिल करनी होगी। हाल ही में अपर मुख्य सचिव रहे नवीन कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में गठित एक समिति की सिफारिशों को भी बजट में शामिल किए जाने की तैयारी है। यह समिति प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने के उपायों के साथ-साथ राजस्व के नए स्रोतों पर भी सुझाव देगी, जिससे राजस्व में लगभग 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है।
नियुक्तियों पर भी जोर
पिछले बजट के बाद राज्य में एक लाख से अधिक नियुक्तियां की जा चुकी हैं। अनुपूरक बजट के जरिए इनके वेतन की व्यवस्था की गई थी। अब 2026-27 के बजट में भी इन कर्मचारियों के वेतन के लिए प्रावधान करना होगा। इसके अलावा वर्ष 2026 में बिहार सहकारिता क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर नियुक्तियों का प्रस्ताव है, जिसका असर बजट पर पड़ेगा।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सत्र के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। विधानसभा परिसर में 40 मजिस्ट्रेट, 50 पुलिस पदाधिकारी और करीब 1000 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने विधानसभा परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान परिसर में प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग भी की गई।
त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू
डीएम ने बताया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आठ क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी सक्रिय रखा गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी 2 फरवरी की सुबह 9 बजे अपने-अपने तैनाती स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके बाद हर दिन विधानमंडल की कार्यवाही शुरू होने से एक घंटे पहले उन्हें अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर पहुंचना होगा और बैठक समाप्त होने के बाद ही वहां से हटना होगा।