इस्तीफा देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पहुंचे कानपुर, कहा- सोची समझी साजिश के तहत लाया गया यूजीसी एक्ट, एससी एसटी एक्ट को हटाने के लिए होगा आंदोलन
Lucknow : कानपुर पहुंचे बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दोनों की सहमति के बाद सोची समझी साजिश के तहत यूजीसी एक्ट लाया गया है। दोनों ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह वेस्ट इंडिया कंपनी के सीईओ और एचडी की तरह कार्य कर रहे हैं। अब पार्टी नहीं है। उन्होंने कहा कि एससी एसटी एक्ट को हटाने के लिए आंदोलन चलाया जाएगा। इसके पहले कानपुर पहुंचने पर अलंकार अग्निहोत्री का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। समर्थकों ने "देखो देखो शेर आया" का नारा लगाया।
यूजीसी जनरल और ओबीसी के बीच लड़ाई के लिए लाया गया
उत्तर प्रदेश के कानपुर पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि यूजीसी एक्ट में जनरल और ओबीसी के बीच लड़ाई करने के लिए कुछ एक्ट डाले गए थे, जो काफी विभाजनकारी और विभेदकारी थे। 15 से 26 जनवरी के बीच काफी धरना प्रदर्शन हो रहा था, लेकिन इसको संज्ञान में नहीं लिया गया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य संगठनों से संपर्क किया गया, जिनमें ब्राह्मण सभा, सवर्ण सभा, और किसान यूनियन सहित 14-15 सौ संगठन हैं।
इस्तीफा के बाद आंदोलन शुरू हुआ
उन्होंने बताया कि संगठनों ने यूजीसी कानून का अध्ययन किया। जिससे पता चला कि बहुत बड़ी साजिश रची गई है। कोई रास्ता दिखाई नहीं पड़ा तो उन्होंने अपने पद से इस्तीफा (resign) दे दिया, जिसके बाद दो-तीन दिनों तक काफी हंगामा हुआ। इसके बाद मीडिया के साथ प्रदेश के अलग-अलग संगठनों ने इसको संज्ञान में लिया और धरना प्रदर्शन शुरू हो गया।
आंदोलन के बाद भी केंद्र सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया
अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि इसके बाद भी केंद्र सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया। उन्होंने बहुत बड़ा रहस्योद्घाटन किया कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर विवाद चल रहा है। राज्य सरकार के चुनाव को प्रभावित करने के लिए यह कानून लाया गया है। बीजेपी के ही कलराज मिश्र ने इसे असंवैधानिक बताया था। इसका अर्थ यह हुआ कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री असंवैधानिक कार्य की सहमति दे रहे हैं।
बीजेपी पार्टी नहीं, वेस्ट इंडिया कंपनी
उन्होंने बताया कि ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह यह वेस्ट इंडिया कंपनी कम कर रही है। इसके सीईओ की भूमिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एमडी की भूमिका में गृह मंत्री अमित शाह हैं, जो अपने तरीके से अलग-अलग प्रदेशों जहां उनकी सरकारें हैं, वहां से सब-कांट्रैक्टिंग के माध्यम से फाइनेंशियल लाभ चाहते हैं। प्रदेश की जनता से इनका कोई मतलब नहीं होता है। इनको केवल अपना कट या प्रॉफिट चाहिए। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया है कि यदि प्रदेश सरकार का 10 लाख करोड़ का बजट है तो 20 से 30% का कट चाहिए।
शंकराचार्य के मुद्दे पर भी बोले
शंकराचार्य से विवाद के मामले में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वहां शिष्यों के साथ बुरा बर्ताव किया गया था, जिसको लेकर के उन्होंने इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा था कि सनातन संस्कृति का सम्मान होना चाहिए। इसके बाद कल एक पॉजिटिव समाचार सामने आया है। जिसमें शंकराचार्य से मिलने के लिए मुख्यमंत्री ने एक टीम गठित की है जो मिलकर के समस्या का समाधान करेंगी।
एससी एसटी एक्ट खत्म करने के लिए चलेगा आंदोलन
अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी आंखें की योजना के विषय में बताया कि एससी-एसटी एक्ट देश का सबसे गंदा और काला कानून है। अब उनका आंदोलन एससी-एसटी एक्ट को खत्म करने को लेकर होगा जो निश्चित तिथि से 7 दिनों तक चलेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से पार्लियामेंट का स्पेशल सेशन बुलाकर एससी-एसटी एक्ट को खत्म करने की मांग की है। यदि ऐसा नहीं होता है तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन करके दिल्ली कूच की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि बहुत जल्दी ऐसा अवसर आने वाला है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को हेलीकॉप्टर सौदे से बैठकर गुजरात जाना पड़ेगा।