राजस्व वसूली में ढिलाई पर सीधा प्रहार! - विजय सिन्हा के रडार पर आए 8 जिलों के अफसर, थमाया 'शो-कॉज' नोटिस

बिहार के खान एवं भूतत्व विभाग में राजस्व लक्ष्यों को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के निर्देश पर हुई समीक्षा बैठक में लखीसराय और गया समेत 8 जिलों के खनिज पदाधिकारियों को खराब प्रदर्शन के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

Patna - बिहार के उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर मंगलवार को विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। विभाग के निदेशक मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति और विभागीय कार्यों की प्रगति रहा। 

लक्ष्य से पिछड़ने वाले जिलों पर गिरी गाज

बैठक के दौरान राजस्व वसूली और विभागीय कार्यों में कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया। निदेशक ने लखीसराय, जमुई, सारण, औरंगाबाद, गया, मधेपुरा और वैशाली सहित कुल आठ जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति में किसी भी स्तर पर ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

राजस्व वसूली और नीलामी की विस्तृत समीक्षा

समीक्षा के दौरान बालू, पत्थर और ईंट क्षेत्र से होने वाली आय के साथ-साथ नीलामी पत्र, जुर्माना और कार्य विभाग से प्राप्त होने वाले राजस्व की स्थिति पर गहन चर्चा की गई। निदेशक ने वास्तविक वसूली और निर्धारित लक्ष्य के बीच के अंतर को तत्काल कम करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे दैनिक राजस्व वसूली की निगरानी को मजबूत करें और विभागीय समन्वय को बेहतर बनाकर लंबित बकाये की वसूली में तेजी लाएं। 

नीलामी प्रक्रिया और पर्यावरण स्वीकृति पर निर्देश

बैठक में बालू घाटों की नीलामी, संचालित घाटों की स्थिति और वापस लिए गए घाटों की दोबारा नीलामी की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा, ईंट सत्र 2025-26 के भट्टों से जुड़े भुगतानों और पर्यावरण स्वीकृति से संबंधित लंबित मामलों को समय सीमा के भीतर निपटाने का आदेश दिया गया। निदेशक ने नियमों के अनुरूप घाटों के संचालन और पर्यावरण मानकों के पालन पर विशेष जोर दिया। 

शिविर लगाकर वसूली करने का आदेश

राजस्व संग्रह को प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने अब विशेष शिविर लगाने का निर्णय लिया है। निदेशक ने सभी जिलों को रायल्टी और जुर्माने की वसूली के लिए कैंप आयोजित करने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय सीमा में सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी, अन्यथा संबंधित अधिकारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।