Bihar Motor Vehicle Tax: बिहार में अब गाड़ियां खरीदने पर जेब होगी ज्यादा ढीली! दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर लगा नया टैक्स स्लैब

Bihar Motor Vehicle Tax:बिहार परिवहन विभाग ने मोटरवाहन टैक्स बढ़ाने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। बाइक, स्कूटी, ऑटो और भारी वाहनों पर अब कीमत के आधार पर नया टैक्स लगेगा।

बिहार परिवहन विभाग ने मोटरवाहन टैक्स बढ़ाने की आधिकारिक अधिसूचना जारी- फोटो : Reporter

बिहार में नया दोपहिया या व्यावसायिक वाहन खरीदना अब जेब पर भारी पड़ने वाला है। राज्य परिवहन विभाग ने मोटरवाहन टैक्स (Motor Vehicle Tax) में बढ़ोतरी करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियमों के तहत अब बाइक और स्कूटी को उनकी एक्स-शोरूम कीमत के आधार पर चार अलग-अलग श्रेणियों (कैटेगरी) में बांटकर टैक्स वसूला जाएगा। इस फैसले के बाद से राज्य में सभी प्रकार के दोपहिया वाहनों के ऑन-रोड दाम बढ़ने तय हैं।


दोपहिया वाहनों के लिए 4 स्लैब तय: महंगी और सुपरबाइक्स पर लगेगा भारी टैक्स

नए टैक्स ढांचे के अनुसार, 1 लाख रुपये तक की कीमत वाली सामान्य बाइक या स्कूटी पर एक्स-शोरूम दाम का 9% टैक्स देना होगा। वहीं, 1 लाख से अधिक और 8 लाख रुपये तक की गाड़ियों पर 10% टैक्स तय किया गया है। विभाग ने प्रीमियम और सुपरबाइक्स के शौकीनों पर टैक्स का सबसे ज्यादा बोझ डाला है; अब 8 लाख से 15 लाख रुपये तक के दोपहिया वाहनों पर 11% और 15 लाख रुपये से अधिक की सुपरबाइक्स पर एकमुश्त 13% की दर से भारी-भरकम टैक्स चुकाना पड़ेगा।


4-सीटर ऑटो के लिए नया टैक्स नियम: वाहन मालिकों को मिले कई विकल्प

परिवहन विभाग ने चार लोगों की बैठने की क्षमता वाले नए तिपहिया वाहनों (ऑटो) के लिए भी टैक्स की नई दरें घोषित की हैं। इन गाड़ियों के मालिकों को पूरे 15 वर्षों के लिए एकमुश्त 11,000 रुपये का टैक्स देना होगा। हालांकि, विभाग ने इसमें सुविधा देते हुए दो और विकल्प दिए हैं। वाहन मालिक चाहें तो शुरुआती 10 वर्षों के लिए एकमुश्त 7,700 रुपये का भुगतान कर सकते हैं, जिसके बाद गाड़ी के 10 वर्ष पुराने होने पर अगले 5 वर्षों के लिए उन्हें 7,000 रुपये का टैक्स देना होगा।


7-सीटर ऑटो के लिए भी टैक्स की दरें तय: किस्तों में चुकाने की भी राहत

सात लोगों की क्षमता वाले बड़े और नए रजिस्टर्ड तिपहिया वाहनों के लिए टैक्स की राशि थोड़ी अधिक निर्धारित की गई है। ऐसे व्यावसायिक वाहनों को 15 सालों के लिए एकमुश्त 16,000 रुपये का टैक्स चुकाना होगा। इस श्रेणी में भी राहत देते हुए विकल्प दिए गए हैं। मालिक चाहें तो पहले 10 वर्षों के लिए एकमुश्त 12,000 रुपये जमा कर सकते हैं और इसके बाद के अगले 5 वर्षों के लिए उन्हें 10,000 रुपये का टैक्स देना होगा।


डीलरों और भारी वाहनों पर भी शिकंजा: सालाना कर की नई दरें लागू

इस नई अधिसूचना का असर आम खरीदारों के साथ-साथ वाहन व्यापारियों और निर्माताओं पर भी पड़ेगा। अब मोटरसाइकिल के कारोबार से जुड़े डीलर्स या निर्माताओं को प्रति वाहन के हिसाब से 600 रुपये का वार्षिक टैक्स देना होगा। इसके अलावा, भारी वाहनों की चेसिस पर प्रति वाहन 1,000 रुपये का सालाना टैक्स तय किया गया है। इन दोनों श्रेणियों के अलावा अन्य किसी भी प्रकार के वाहनों पर अब 800 रुपये प्रति वाहन की दर से सालाना टैक्स वसूला जाएगा।

धीरज पराशर की रिपोर्ट