बिहार में शादी के लिए गैस सिलेंडर का नियम बदला: अब SDO को देना होगा आवेदन, घरेलू सिलेंडर के उपयोग पर रोक

बिहार सरकार ने शादियों में घरेलू गैस के उपयोग को रोकने और कमर्शियल सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति के लिए नए नियम जारी किए हैं। अब शादी के कार्ड के साथ SDO को आवेदन देना अनिवार्य होगा।

Patna -बिहार सरकार ने राज्य में वैवाहिक कार्यक्रमों के दौरान एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत को रोकने और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के विशेष सचिव उपेन्द्र कुमार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, अब शादियों में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग पूरी तरह वर्जित होगा। सरकार ने यह कदम पश्चिम एशिया में तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में आ रही बाधाओं और राज्य में घरेलू गैस के बढ़ते बैकलाॅग को देखते हुए उठाया है।

शादी के कार्ड के साथ करना होगा आवेदन

नई नियमावली के तहत, जिस व्यक्ति के घर में विवाह का कार्यक्रम निर्धारित है, उसे अब गैस के लिए सीधे एजेंसी जाने के बजाय प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। आवेदक को अपने क्षेत्र के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को एक औपचारिक आवेदन देना होगा, जिसके साथ शादी का कार्ड संलग्न करना अनिवार्य है। आवेदन में इस बात का स्पष्ट उल्लेख करना होगा कि कार्यक्रम में कितने मेहमान शामिल होंगे और कुल कितने वाणिज्यिक (कमर्शियल) सिलेंडरों की आवश्यकता है।

अधिकारी करेंगे आकलन और पंजीकरण


अनुमंडल पदाधिकारी प्राप्त आवेदन के आधार पर मेहमानों की संख्या का सत्यापन करेंगे और जरूरत का आकलन करते हुए संबंधित तेल कंपनी को आपूर्ति का निर्देश देंगे। वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए कमर्शियल गैस हेतु एक विशेष पंजीकरण प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसे तेल कंपनियों को अगले 5 से 7 दिनों के भीतर पूरा करना होगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि गैस की उपलब्धता के आधार पर मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहे।

कैटर्स और रसोइयों के लिए आनुपातिक आपूर्ति

प्रशासन द्वारा निर्धारित मात्रा के अनुसार ही रसोइयों या कैटरर्स को आनुपातिक रूप से वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति की जाएगी। विभाग ने कड़ा निर्देश दिया है कि शादी समारोह के लिए उपलब्ध कराया गया कमर्शियल गैस सिलेंडर केवल उसी विशिष्ट कार्यक्रम में ही प्रयुक्त किया जा सकेगा। इस नियम का उल्लंघन करने या घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाने पर संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

आमजन की कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास

सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से शादी के सीजन में आम उपभोक्ताओं को होने वाली घरेलू गैस की किल्लत से निजात मिलेगी। प्रायः देखा जाता था कि बड़े आयोजनों में घरेलू सिलेंडरों के डायवर्जन से आम लोगों के लिए गैस रिफिलिंग का वेटिंग पीरियड बढ़ जाता था। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) को निर्देश दिया है कि वे आसन्न वैवाहिक सीजन को ध्यान में रखते हुए इन निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करें।

Report - Ranjan kumar