पटना: बिक्रम अंचल कार्यालय पर भाकपा माले का प्रदर्शन, सीओ पर भू-माफियाओं से साठगांठ और भ्रष्टाचार का आरोप
पटना के बिक्रम प्रखंड मुख्यालय पर भाकपा माले और खेग्रामस ने अंचल में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। नेताओं ने सीओ पर भू-माफियाओं से मिलकर सरकारी जमीनों का अवैध मोटेशन करने का आरोप लगाया।
पटना जिले के बिक्रम प्रखंड मुख्यालय पर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस/AIARLA) और भाकपा माले के बैनर तले हजारों भूमिहीनों और मजदूरों ने जमकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने लगभग तीन साल तक अंचलाधिकारी (सीओ) के तौर पर तैनात रही स्वयं प्रभा जिनकी विगत दिनों अन्यत्र तबादला हुआ है पर भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर आरोप लगाए। न केवल ताबड़तोड़ बेहद संगीन आरोप चस्पा किये बल्कि बाकायदा आरोपों के बाबत कथित सुबूतों का बण्डल भी लहराते हुए जल्द तमाम डाक्यूमेंट्स को सार्वजानिक करने कि भी बात कहते हुए एक पूर्व बाहुबली एमएलसी समेत तमाम धनपशुओं और जमींन कारोबारियों के नाम उजागर करने कि भी बात कही। साथ ही कथित दो दलाल जिनमे एक तो लोकल है वही दूसरा जो राजधानी पटना से चलकर विक्रम आकर भू-माफियाओं के मोटेशन दाखिल ख़ारिज समेत अंचल के हर तरह के काम कराता था कि भी पोल पट्टी ऑडियो-वीडियों के माध्यम से जल्द ही साझा किया जायेगा। वक्ताओं ने कहा कि बिक्रम अंचल में बिना चढ़ावे (रिश्वत) के आम गरीबों और किसानों का एक भी दाखिल-खारिज (मोटेशन) या परिमार्जन का कार्य नहीं किया जाता है, जिससे आम जनता ब्लॉक के चक्कर काट-काटकर पूरी तरह थक चुकी है।
भू-माफियाओं से सांठगांठ का दावा: एक ही दिन में दर्जनों मोटेशन होने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने अंचल प्रशासन और भू-माफियाओं के बीच गहरी सांठगांठ होने का सनसनीखेज दावा किया। माले नेताओं ने आरोप लगाया कि जहां एक तरफ गरीब जनता अपने जायज काम के लिए महीनों भटकती है, वहीं दूसरी तरफ भू-माफियाओं के प्रभाव में आकर बिक्रम अंचल कार्यालय द्वारा एक ही तिथि (सेम डेट) में ५०-५० मामलों का मोटेशन कर दिया जाता है। नेताओं ने इसे अंचल में फैले संस्थागत भ्रष्टाचार का बड़ा सबूत बताया।
सरकारी और एनएच की जमीनों के अवैध मोटेशन का हुआ पर्दाफाश
सभा में बिक्रम अंचलाधिकारी के कारनामों का एक ताजा उदाहरण देते हुए आक्रोश व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर यहाँ नहर और राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) से सटी सड़क चाट की सरकारी जमीन का भी मोटेशन (दाखिल-खारिज) भू-माफियाओं के पक्ष में कर दिया गया है। सरकारी संपत्तियों की इस तरह से हो रही हेराफेरी को लेकर प्रदर्शनकारियों ने अंचल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
आठ सूत्री मांगों को लेकर बीडीओ को सौंपा गया ज्ञापन, मिला आश्वासन
इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन के माध्यम से वासगीत पर्चाधारियों को जमीन पर कब्जा दिलाने, सभी भूमिहीनों को ५ डिसमिल जमीन की गारंटी करने, वृद्धा व विधवा पेंशन को बढ़ाकर ३,००० रुपये करने और मनरेगा के तहत उचित मजदूरी देने जैसी आठ सूत्री मांगें उठाई गईं। अंचलाधिकारी की अनुपस्थिति के बीच बिक्रम प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर उनकी मांगों को सुना और सभी समस्याओं के त्वरित निवारण का आश्वासन दिया। साथ ही बीडीओ ने क्षेत्र में बढ़ रही टीबी की बीमारी के प्रति भी लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी।
रिपोर्ट - ऋषिकेश