पटना बवाल के बाद बिहार हाई अलर्ट, सभी जिलों के SP को सतर्क रहने का निर्देश
Bihar Alert: NEET पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी पटना में हुए उग्र प्रदर्शन, हंगामा और तोड़फोड़ के बाद अब पूरे बिहार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
Bihar Alert: NEET पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी पटना में हुए उग्र प्रदर्शन, हंगामा और तोड़फोड़ के बाद अब पूरे बिहार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश जारी किया है। देर शाम पुलिस मुख्यालय स्तर पर राज्य की विधि-व्यवस्था की समीक्षा की गई, जिसमें सभी जिलों से सुरक्षा स्थिति का फीडबैक लिया गया।
पटना में प्रदर्शन के दौरान हुए बवाल के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। देर रात पुलिस ने करीब 40 छात्र-छात्राओं को हिरासत में लिया, जिनमें 38 छात्र और 2 छात्राएं शामिल हैं। सभी को कोतवाली थाना लाया गया। हिरासत में लिए गए छात्रों के परिजन भी देर रात थाने पहुंच गए और कुछ परिवारों ने आरोप लगाया कि उनके बच्चे बाजार से सामान लेने निकले थे, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हुई झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग गिरने से आईजी जितेंद्र राणा के बाएं पैर में चोट आई, जबकि पथराव में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र का सिर फट गया। उपद्रव के दौरान कोतवाली थाने की तीन पुलिस गाड़ियों और आईजी की स्कॉट वाहन को भी नुकसान पहुंचा।
NEET पेपर लीक के विरोध में छात्र जेपी गोलंबर के पास प्रदर्शन कर रहे थे। शुरुआत में पुलिस छात्रों को नियंत्रित करने में सफल रही, लेकिन हालात तब बिगड़ गए जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई। लाठीचार्ज के बाद छात्रों का गुस्सा भड़क गया और भीड़ डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ गई।एक्जीविशन रोड, बुद्ध मार्ग और आसपास की सड़कों से बड़ी संख्या में छात्र डाकबंगला पहुंचे, जहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी और पुलिस बल पर पथराव किया। इस दौरान कई जवान घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार, डाकबंगला चौराहे और आसपास के इलाकों में निर्माण कार्य से निकले मलबे और पत्थरों का इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमले के लिए किया। आयकर गोलंबर और विकास भवन के पास कई छात्र हाथों में पत्थर लेकर घूमते नजर आए। पथराव के कारण डाकबंगला से सचिवालय तक नेहरू पथ पर पत्थर बिखर गए और कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बना रहा।हालांकि आयकर गोलंबर, सचिवालय मोड़ और बीपी मंडल चौराहे पर तैनात पुलिस बलों ने संयम बरतते हुए स्थिति को संभाला।
इस मार्च में आइसा, एसएफआई, एआईएसएफ और दिशा जैसे छात्र संगठनों के कार्यकर्ता पोस्टर-बैनर लेकर शामिल हुए। प्रदर्शन को देखते हुए विधानमंडल के मुख्य गेट को सुरक्षा कारणों से करीब आधे घंटे तक बंद रखा गया। इसके बाद विकास भवन और विश्वसरैया भवन के गेट भी बंद कर दिए गए।पटना में हुए इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने राज्यभर में चौकसी बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।