Bihar Durga Puja Security: दुर्गा पूजा पर बिहार में हाई अलर्ट, 16,800 प्रतिमाओं पर पुलिस का पहरा,, रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाया तो चलेगा कानून का डंडा

Bihar Durga Puja Security: दुर्गा पूजा के दौरान सूबे में अमन-चैन कायम रखने और विधि-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का सख्त पहरा लगा दिया है। ...

Bihar Durga Puja Security: दुर्गा पूजा के दौरान सूबे में अमन-चैन कायम रखने और विधि-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का सख्त पहरा लगा दिया है। राज्यभर में इस बार करीब 16,800 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इतनी बड़ी तादाद में पूजा पंडालों और विसर्जन जुलूसों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों एवं थानों को मुस्तैद रहने का फरमान जारी किया है। संवेदनशील इलाकों में खास निगरानी, चप्पे-चप्पे पर चौकसी और अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी है। वहीं, पुलिस मुख्यालय में 24 घंटे सक्रिय रहने वाला विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।

16,800 प्रतिमाएं, सुरक्षा का कड़ा पहरा

पिछले वर्ष 2025 में राज्यभर में करीब 15,550 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर लगभग 16,800 हो गई है। ऐसे में पूजा से लेकर प्रतिमा विसर्जन तक सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने की चुनौती प्रशासन के सामने है। पुलिस मुख्यालय ने थाना, अनुमंडल और जिला स्तर पर शांति समिति की बैठकें कराने के बाद आवश्यकतानुसार पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं।

जुलूस पर पुलिस की नजर, हर गतिविधि की होगी वीडियोग्राफी

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रतिमा विसर्जन जुलूस बिना लाइसेंस नहीं निकाले जाएंगे। सभी जुलूसों के लिए लाइसेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने और संवेदनशील जुलूसों की वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया गया है। विसर्जन जुलूस के साथ पुलिस स्कॉट रहेगा और जुलूस में शामिल लोगों के सुरक्षित लौटने तक तैनात बल को ड्यूटी पर बने रहना होगा।

जुलूस मार्ग में पड़ने वाले दूसरे समुदाय के धार्मिक स्थलों पर भी पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी तरह का विवाद या तनाव पैदा न हो। पूजा पंडालों में ऐसी झांकी, तस्वीर, नारा या दृश्य प्रदर्शित करने पर रोक रहेगी, जिससे किसी समुदाय की धार्मिक भावना आहत हो।

DJ बजाया तो होगी कार्रवाई, रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद

ध्वनि प्रदूषण और विवाद की आशंका को देखते हुए डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। पूजा पंडालों में लाउडस्पीकर निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर ही बजाने होंगे। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर नहीं बजेंगे। इसके साथ ही सभी पंडालों में सीसीटीवी कैमरे और अग्निशमन यंत्र लगाना अनिवार्य किया गया है।

सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दौरान ग्रामीण इलाकों से लाखों श्रद्धालु पूजा पंडालों में दर्शन के लिए शहरों का रुख करते हैं। इसे देखते हुए आवागमन के रास्तों पर पर्याप्त पुलिस बल और रोशनी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।

उपद्रवियों की खैर नहीं, सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर

असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए उनसे बंध-पत्र भरवाने की कार्रवाई की गई है। जरूरत पड़ने पर सीसीए की धारा-3 और बीएनएसएस की धारा-170 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। संभावित साम्प्रदायिक तनाव या आपसी विवाद वाले मामलों में दोनों पक्षों से निष्पक्ष रूप से बीएनएसएस की धारा-126 के तहत बंध-पत्र भरवाने का निर्देश दिया गया है।

संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे पेट्रोलिंग, भारत-नेपाल सीमा और पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। विसर्जन घाटों और तालाबों पर जरूरत के मुताबिक गोताखोरों तथा बचाव दलों की तैनाती भी होगी।

पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट, आपत्तिजनक टिप्पणियों और अराजक सामग्री को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। साफ संदेश है—दुर्गा पूजा में शांति भंग करने, अफवाह फैलाने या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।