Bihar Panchayat Election: परिसीमन के बाद ही होंगे बिहार में पंचायत चुनाव, सरकार ने कर दिया ऐलान, मुखिया को मिलेंगे ये अधिकार
Bihar Panchayat Election: राज्य में ग्राम पंचायतों के नए परिसीमन के बाद ही पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। ...
Bihar Panchayat Election: बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया कि राज्य में ग्राम पंचायतों के नए परिसीमन के बाद ही पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। पटना में आयोजित ग्राम संसद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग परिसीमन के काम में जुटा है। ऐसे में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया नए परिसीमन के आधार पर आगे बढ़ेगी।मुख्यमंत्री के इस बयान से पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटे संभावित प्रत्याशियों के बीच तस्वीर कुछ हद तक साफ हुई है। चुनाव की तारीखों को लेकर अभी अंतिम घोषणा निर्वाचन आयोग की ओर से की जानी है। इससे पहले पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश भी कह चुके हैं कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तारीख परिसीमन पूरा होने के बाद घोषित की जाएगी और परिसीमन का काम अंतिम चरण में है।
मुखिया से पूछेंगे पांच साल में कितनी बढ़ी इलाके की GDP
ग्राम संसद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पंचायती राज व्यवस्था के कामकाज को लेकर एक नया सवाल भी खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सरकार अब त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों से उनके इलाके के आर्थिक विकास का हिसाब पूछेगी। जिला परिषद, प्रखंड प्रमुख और मुखिया से यह पूछा जाएगा कि पिछले पांच वर्षों में उनके जिला, प्रखंड और पंचायत की जीडीपी कितनी बढ़ी।
मुख्यमंत्री के इस बयान को पंचायत स्तर पर विकास के आर्थिक पैमाने को लेकर जवाबदेही तय करने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, पंचायत स्तर पर जीडीपी की गणना किस पद्धति से होगी और इसके लिए कौन-से मानक तय किए जाएंगे, इसका विस्तृत खाका अभी सामने आना बाकी है।
सरकारी जमीन पर दशकों से रह रहे गरीबों को मिलेगा पर्चा
सम्राट चौधरी ने गांवों में सरकारी जमीन पर लंबे समय से रह रहे गरीब परिवारों को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो गरीब पिछले 20 से 40 वर्षों से सरकारी जमीन पर रह रहे हैं, उन्हें व्यवस्थित किया जाएगा और ऐसे जरूरतमंदों को सरकार की ओर से पर्चा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
2030 के बाद दूसरे राज्यों में मजदूरी के लिए नहीं जाएंगे लोग!
मुख्यमंत्री ने बिहार के आर्थिक और शैक्षणिक विकास को लेकर भी लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य में कम-से-कम 50 निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने का लक्ष्य है। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 के बाद ऐसी व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है कि बिहार के लोगों को मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़े।
उधर, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के अनुसार पंचायत सरकार भवनों को मिनी सचिवालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका मकसद ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर विभिन्न सरकारी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। इन भवनों में जनप्रतिनिधियों के साथ संबंधित सरकारी कर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने की भी योजना है।
पंचायत चुनाव से पहले परिसीमन, पंचायतों में विकास की जवाबदेही और ग्रामीण इलाकों में सरकारी सेवाओं के विस्तार को लेकर सरकार की घोषणाओं ने सियासी और प्रशासनिक स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है। अब निगाह परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने और राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव कार्यक्रम जारी किए जाने पर रहेगी।