PHED मंत्री संजय सिंह पर गंभीर आरोप,राजद ने खोला आरोपों का पिटारा, कैलेंडर में परिवार, रिश्तेदार शराब तस्कर से जुड़ाव
Bihar Politics: राजद ने लोजपा (रा) के नेता और बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए कई संगीन सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला महज़ एक कैलेंडर से शुरू हुआ, लेकिन अब यह सियासी बवाल का रूप ले चुका है।
Bihar Politics: बिहार की सियासत में एक बार फिर इल्ज़ाम, सियासी तकरार अपने चरम पर है। राजद ने लोजपा (रा) के नेता और बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए कई संगीन सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला महज़ एक कैलेंडर से शुरू हुआ, लेकिन अब यह सियासी बवाल का रूप ले चुका है।
राजद ने सोशल मीडिया के ज़रिए इल्ज़ाम लगाया है कि PHED विभाग के सरकारी कैलेंडर में मंत्री संजय सिंह ने अपने परिवार और बच्चों की तस्वीरें छपवाकर सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग किया है। पार्टी ने तंज कसते हुए पूछा-“क्या यह सरकारी महकमे का कैलेंडर है या मंत्री जी की निजी तशहीर (प्रचार) का ज़रिया?” राजद ने यहां तक कह दिया कि “खुद की महिमा मंडन में इन्होंने नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार को भी पीछे छोड़ दिया।”
राजद ने अपने सोशल मीडिया के पेसबुक पर लिखा है कि -सरकारी पैसे का कैसे दुरुपयोग होता है इसका नमूना देख लीजिए!बिहार सरकार के PHED मंत्री संजय सिंह अपने विभाग के कैलेंडर में अपने परिवार और बच्चों की फ़ोटो लगवाकर क्या साबित करना चाहते हैं?ये बिहार सरकार के मंत्रालय का कैलेंडर है या मंत्री जी की निजी फैक्टरी का कैलेंडर?स्व महिमामंडन में तो इन्होंने इस मामले में PM मोदी और CM नीतीश कुमार को भी पीछे छोड़ दिया!जब कोई पार्टी जमीनी कार्यकर्ताओं को छोड़कर धन्ना सेठों को मंत्रालय रेवड़ियों की तरह बांटेगी तब यही तो होगा!
यही नहीं, राजद ने एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए मंत्री पर यह भी आरोप जड़ा कि उन पर पैसे लेकर फ्लैट न देने जैसे इल्ज़ाम भी सामने आ रहे हैं। पार्टी का दावा है कि मौजूदा हुकूमत में जितने ज्यादा इल्ज़ाम, उतना बड़ा ओहदा की सियासत चल रही है। मामला तब और संगीन हो गया जब राजद ने शराब तस्करी से जुड़े एक कथित रिश्तेदार का जिक्र किया। पार्टी के मुताबिक, वैशाली में पकड़ी गई शराब की खेप में चंदन सिंह नाम का शख्स शामिल पाया गया, जिसे मंत्री का करीबी बताया जा रहा है। यह भी दावा किया गया कि उस पर ₹50,000 का इनाम घोषित था और उसकी कई तस्वीरें सियासी रहनुमाओं के साथ सामने आई हैं।
राजद ने NDA हुकूमत पर हमला तेज करते हुए कहा कि एक तरफ शराबबंदी का ढिंढोरा पीटा जाता है, दूसरी तरफ ऐसे लोगों से नजदीकियां सवाल खड़े करती हैं। हालांकि, इन तमाम आरोपों पर अब तक मंत्री या सरकार की तरफ से कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया है। कुल मिलाकर, यह मामला अब सिर्फ एक कैलेंडर या एक आरोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिहार की सियासत में विश्वास, जवाबदेही और हुकूमत की साख पर बड़ा सवाल बनकर उभर रहा है। आने वाले दिनों में यह सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं।