सिपाही भर्ती में बड़ा 'कांड': 50 हजार में बिक रही थी खाकी, मास्टरमाइंड आलोक समेत 4 'मुन्ना भाई' गिरफ्तार!

बिहार में सिपाही बहाली की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के दौरान जालसाजी का एक और बड़ा विस्फोटक मामला सामने आया है। पटना की गर्दनीबाग थाना पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड आलोक कुमार सहित चार शातिर 'मुन्ना भाइयों' को दबोच लिया है।

Patna -  : केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली करने वाले एक बड़े रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पटना की गर्दनीबाग थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार और जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों को बैठाने और फर्जी तरीके से पास कराने का खेल चल रहा था। इस कार्रवाई के साथ ही अब तक गिरफ्तार होने वाले 'मुन्ना भाइयों' की संख्या तीन दर्जन के पार पहुँच गई है।

इस पूरे गोरखधंधे का मास्टरमाइंड आलोक कुमार बताया जा रहा है, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरोह ने लिखित परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली थी। बताया जा रहा है कि एक अभ्यर्थी से लिखित परीक्षा के नाम पर 50 हजार रुपये का सौदा तय किया गया था। मास्टरमाइंड आलोक कुमार ही वह कड़ी है जो अभ्यर्थियों और सॉल्वर गैंग के बीच तालमेल बिठाकर इस धांधली को अंजाम दे रहा था।

पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह न केवल लिखित परीक्षा, बल्कि शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में भी सेंधमारी की कोशिश कर रहा था। पकड़े गए मुन्ना भाई शारीरिक जांच और बायोमेट्रिक्स के दौरान पकड़े गए, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो मास्टरमाइंड का नाम सामने आया। गर्दनीबाग पुलिस अब उन सभी अभ्यर्थियों की सूची तैयार कर रही है जिन्होंने इस गिरोह को पैसे दिए थे, ताकि उनके खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसा जा सके।

सिपाही भर्ती जैसे संवेदनशील मामले में इस तरह के संगठित फर्जीवाड़े ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि 50 हजार रुपये जैसी मामूली रकम में लिखित परीक्षा का सौदा होना यह दर्शाता है कि गिरोह के तार कितने गहरे जुड़े हुए हैं। पुलिस अब मास्टरमाइंड आलोक कुमार के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाल रही है ताकि गिरोह के अन्य सहयोगियों और सफेदपोशों के चेहरों से नकाब हटाया जा सके।

फिलहाल, पटना पुलिस की छापेमारी जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है। गर्दनीबाग थानाध्यक्ष का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले ईमानदार छात्रों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं पुलिस की इस सक्रियता से सॉल्वर गैंग में हड़कंप मचा हुआ है।

रिपोर्ट - अनिल कुमार