Bihar News : विदाई से पहले परीक्षा! हाथों में मेहंदी और एडमिट कार्ड लिए एग्जाम सेंटर पहुँची दुल्हन, दूल्हे ने खुद छोड़ा

Bihar News : विदाई से पहले परीक्षा! हाथों में मेहंदी और एडमि

GAYAJI : बिहार के गया जिले के शेरघाटी स्थित एसएमएसजी (SMSG) कॉलेज में शनिवार को एक अनोखा और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। यहाँ एक नवविवाहिता दुल्हन, शादी की रस्में पूरी होते ही विदाई से पहले सीधे मैट्रिक की परीक्षा देने परीक्षा केंद्र पहुँच गई। लाल जोड़े में सजी दुल्हन को परीक्षा केंद्र पर देख वहाँ मौजूद अन्य परीक्षार्थी और शिक्षक भी हैरान रह गए।

दूल्हा बना सारथी: सजी हुई गाड़ी से पहुँची सेंटर

जानकारी के अनुसार, बिहार बोर्ड की मैट्रिक की परीक्षा के बीच ही छात्रा की शादी तय थी। शुक्रवार की रात शादी की रस्में पूरी हुईं, लेकिन छात्रा ने अपनी पढ़ाई और भविष्य से समझौता नहीं किया। शनिवार सुबह वह दुल्हन के लिबास में, हाथों में रची मेहंदी और एडमिट कार्ड लेकर सजी-धजी गाड़ी से केंद्र पर पहुँची। खास बात यह रही कि उसका दूल्हा खुद उसे परीक्षा दिलाने कॉलेज पहुँचा था।

घूंघट में दी परीक्षा, फिर हुई ससुराल के लिए विदाई

दुल्हन जब गाड़ी से उतरी, तो उसे देखने के लिए छात्रों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वह घूंघट की ओट में पूरी सादगी और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा हॉल तक गई और समय सीमा के भीतर अपना पेपर हल किया। परीक्षा खत्म होने के बाद वह बाहर निकली और फिर अपने जीवनसाथी के साथ ससुराल के लिए रवाना हुई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी लोग खूब सराहना कर रहे हैं।

शिक्षा के प्रति जज्बे ने पेश की मिसाल

यह घटना समाज के लिए एक बड़ा और सकारात्मक संदेश है। अक्सर देखा जाता है कि शादी के बाद कई लड़कियों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है, लेकिन इस छात्रा ने साबित कर दिया कि यदि संकल्प मजबूत हो, तो परिस्थितियाँ कभी बाधा नहीं बनतीं। शादी जैसी बड़ी जिम्मेदारी के बीच शिक्षा को प्राथमिकता देना यह दर्शाता है कि आज की बेटियां अपने भविष्य को लेकर कितनी जागरूक हैं।

सोशल मीडिया पर मिल रही खूब वाहवाही

शेरघाटी की इस 'साहसी दुल्हन' की कहानी अब घर-घर चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं। दूल्हे द्वारा अपनी पत्नी की शिक्षा का समर्थन करने की भी सराहना की जा रही है। यह मिसाल न केवल गया बल्कि पूरे बिहार में उन लड़कियों के लिए प्रेरणा है, जो अभावों या पारिवारिक व्यस्तताओं के कारण पढ़ाई छोड़ने का मन बना लेती हैं। 

मनोज की रिपोर्ट