बिहार पुलिस मुख्यालय का बड़ा फैसला: 2026 के सभी अनाधिकृत डेपुटेशन आदेश रद्द,प्रतिनियुक्ति पर नया नियम लागू
बिहार पुलिस मुख्यालय ने प्रशासनिक अनुशासन को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026 में बिना DGP की अनुमति के हुए सभी प्रतिनियुक्ति (Deputation) आदेश तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं।सभी कर्मियों को अपने पैतृक जिला/इकाई में लौटने का आदेश
बिहार पुलिस मुख्यालय (कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग), पटना द्वारा एक बेहद महत्वपूर्ण आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। यह आदेश पत्र संख्या पी0-1/04-09-01-2021 (पार्ट-1)/254 के तहत दिनांक 18 जून 2026 को निर्गत किया गया है, जिस पर अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय), बिहार के हस्ताक्षर हैं। इस पत्र के माध्यम से पुलिस मुख्यालय ने विभिन्न विभागों और प्रभागों में पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों की मनमानी या बिना सूचना के होने वाली प्रतिनियुक्ति (deputation) पर कड़ा रुख अपनाया है।
बिना पूर्वानुमोदन प्रतिनियुक्ति पर पूर्ण रोक
इस आदेश के मुख्य संदर्भ के अनुसार, मुख्यालय के संज्ञान में यह बात आई थी कि विभिन्न प्रभागों द्वारा पुलिस महानिदेशक (DGP), बिहार के पूर्व अनुमोदन के बिना ही कर्मियों की प्रतिनियुक्ति अपने-अपने स्तर पर की जा रही थी। इस अव्यवस्था के कारण पुलिस मुख्यालय को विभिन्न जिलों और इकाइयों में कार्यरत बल की सटीक और स्पष्ट संख्या प्राप्त करने में कठिनाई हो रही थी। इसे प्रशासनिक नियंत्रण और कार्यों के उचित समन्वय के लिहाज से दोषपूर्ण मानते हुए अब भविष्य में किसी भी प्रतिनियुक्ति के लिए पुलिस महानिदेशक का पूर्वानुमोदन अनिवार्य कर दिया गया है।
वर्ष 2026 के सभी अनाधिकृत प्रतिनियुक्ति आदेश रद्द
इस आदेश का सबसे तात्कालिक और बड़ा असर यह है कि चालू वर्ष (वर्ष 2026) में पुलिस महानिदेशक के पूर्वानुमोदन के बिना जितने भी प्रतिनियुक्ति आदेश जारी किए गए थे, उन सभी को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि ऐसे सभी प्रभावित पुलिस पदाधिकारी और कर्मी तुरंत अपने पैतृक जिला या मूल इकाई में वापस लौटकर पहले की तरह कार्य करेंगे। जब तक उनके स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के संबंध में मुख्यालय से कोई पृथक आदेश जारी नहीं होता, वे अपनी मूल तैनाती पर ही बने रहेंगे।
प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही तय करने का प्रयास
यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है, जिसका उद्देश्य पुलिस महकमे के भीतर प्रशासनिक सुदृढ़ता और अनुशासन को बनाए रखना है। इस पत्र की प्रतिलिपि बिहार के सभी महानिदेशकों, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग/केन्द्रीय चयन पर्षद के अध्यक्ष, सभी आईजी (IG), डीआईजी (DIG) और आई.टी. प्रबंधक सहित सभी संबंधित प्रभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है। इस कड़े कदम से पुलिस बल की तैनाती में पारदर्शिता आएगी और मुख्यालय स्तर पर मानव संसाधन का प्रबंधन अधिक कुशल हो सकेगा।