बिहार पुलिस का 'मिशन सुरक्षा': जिलों में तैनात हुए पुलिस नोडल प्रभारी, पटना की कमान नैय्यर हसनैन खां को

अपराधियों पर मुख्यालय की सीधी नज़र: डीजीपी विनय कुमार ने बांटे जिले, एडीजी और आईजी स्तर के अधिकारी संभालेंगे प्रभार

बिहार पुलिस का 'मिशन सुरक्षा'- फोटो : news 4 nation

बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार द्वारा मंत्रियों और सचिवों को जिलों का प्रभारी बनाए जाने की तर्ज पर अब डीजीपी विनय कुमार ने सभी जिलों के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जिला प्रभारी व नोडल प्रभारी नियुक्त किया है।


पटना की कमान अनुभवी नैय्यर हसनैन खां के हाथ

राजधानी पटना की सुरक्षा और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) नैय्यर हसनैन खां को सौंपी गई है। आईपीएस नैय्यर हसनैन खां पूर्व में पटना के एसएसपी और जोनल आईजी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें पटना जिले की भौगोलिक स्थिति और यहां के अपराधी तंत्र की गहरी समझ है। माना जा रहा है कि उनके मजबूत सूचना तंत्र और कार्यशैली का सीधा लाभ पटना पुलिस को मिलेगा, जिससे आने वाले दिनों में बड़ी आपराधिक गुत्थियों को सुलझाने में मदद मिलेगी।


प्रमुख जिलों में तैनात किए गए भारी-भरकम अधिकारी

डीजीपी ने राज्य के अन्य महत्वपूर्ण जिलों में भी अनुभवी अधिकारियों को मोर्चे पर लगाया है:

  • गया: एडीजी एस रवीन्द्रण

  • मुजफ्फरपुर: आईजी संजय कुमार

  • सारण व बक्सर: एडीजी अमित कुमार जैन

  • नालंदा: एडीजी आर मलार विजी

  • भोजपुर: एडीजी पंकज कुमार दराद

  • दरभंगा: एडीजी सुधांशु कुमार

  • भागलपुर: आईजी एस प्रेमलता


  • अपराध नियंत्रण के लिए जिलों का मास्टर प्लान

इस नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य जिलों की पुलिसिंग में पारदर्शिता लाना और मुख्यालय के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना है। एडीजी अमित लोढ़ा को लखीसराय व शेखपुरा, एडीजी संजय सिंह को सीवान व पूर्णिया, और एडीजी अजिताभ कुमार को गोपालगंज व खगड़िया की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो को रोहतास और डीआईजी हरप्रीत कौर को भभुआ का प्रभार दिया गया है, जो नक्सल प्रभावित और सीमावर्ती इलाकों में पुलिसिंग को मजबूती देंगे।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में होगी पुलिसिंग

नई व्यवस्था के तहत ये प्रभारी अधिकारी समय-समय पर अपने आवंटित जिलों का दौरा करेंगे, लंबित कांडों की समीक्षा करेंगे और स्थानीय पुलिस अधिकारियों का मार्गदर्शन करेंगे। आईजी रंजीत कुमार मिश्रा (मधुबनी), आईजी पी कन्नन (जमुई व अररिया) और आईजी अनसुइया रणसिंह साहु (औरंगाबाद) जैसे अधिकारियों की तैनाती से सीमावर्ती जिलों में घुसपैठ और तस्करी जैसी गतिविधियों पर लगाम कसने की उम्मीद है।

जिलों के अनुसार प्रभारियों की संक्षिप्त सूची:

जिलाप्रभारी अधिकारी (पदनाम)
पटनाएडीजी नैय्यर हसनैन खां
वैशालीआईजी मनोज कुमार
मोतिहारीडीआईजी आनंद कुमार
बेगूसरायडीआईजी मीनू कुमारी
समस्तीपुरएडीजी डॉ. कमल किशोर सिंह
मुंगेरएडीजी पारसनाथ
जहानाबाद-अरवलएडीजी सुनील कुमार



रुकी हुई प्रक्रिया फिर होगी शुरू 

विदित हो कि कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले जाने के कारण पिछले कुछ समय से जिलों में पुलिस निरीक्षण की प्रक्रिया लगभग बंद हो गई थी। डीजीपी विनय कुमार ने इस शून्यता को भरते हुए अब सभी जिलों में नए प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। ये नवनियुक्त नोडल पदाधिकारी जल्द ही अपने आवंटित जिलों का सघन दौरा और निरीक्षण शुरू करेंगे।

थानों की कार्यशैली और अनुसंधान पर रहेगा जोर जिला पुलिस प्रभारियों का मुख्य फोकस थानों के कामकाज में सुधार लाने और पुलिस बल के भीतर अनुशासन को कड़ाई से लागू करने पर होगा। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:

  • विधि-व्यवस्था: क्षेत्र में शांति और कानून का राज स्थापित करना।

  • त्वरित अनुसंधान: लंबित मामलों की जांच में तेजी लाना और फाइलों का निपटारा करना।

  • स्पीडी ट्रायल: गंभीर आपराधिक मामलों में अपराधियों को जल्द सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना।

लापरवाह अधिकारियों की फील्ड से होगी छुट्टी 

डीजीपी के इस आदेश में स्पष्ट संदेश है कि अब कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जो भी पुलिस पदाधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह पाए जाएंगे, उन्हें तत्काल फील्ड ड्यूटी से हटाकर मुख्यालय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। इसके उलट, ईमानदारी और तत्परता से काम करने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के नाम पुरस्कृत करने के लिए मुख्यालय भेजे जाएंगे।