'ऑपरेशन नया सवेरा 3.0' की बड़ी सफलता: बिहार पुलिस ने 157 पीड़ितों को कराया मुक्त,34 दिनों में सजा,100 मानव-तस्कर गिरफ्तार

बिहार पुलिस के 'ऑपरेशन नया सवेरा 3.0' के तहत मानव-तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। राज्य भर से 157 पीड़ितों को मुक्त कराया गया और 100 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। बगहा में 34 दिनों के भीतर दोषियों को उम्रकैद की सजा दिलाई गई।

बिहार पुलिस मानव तस्करी कार्रवाई ऑपरेशन नया सवेरा 3.0 रिपोर्ट- फोटो : Reporter

बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा 'अंतर्राष्ट्रीय मानव-व्यापार निरोध दिवस-2026' के अवसर पर मानव-व्यापार निरोध इकाई, कमजोर वर्ग प्रभाग की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग प्रभाग) द्वारा की गई, जिसमें उप पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान राज्य भर में 01 जुलाई 2026 से 14 जुलाई 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान "ऑपरेशन नया सवेरा 3.0" की समीक्षा की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मानव-व्यापार, आर्केस्ट्रा में शोषण, बाल श्रम और अनैतिक देह व्यापार पर प्रभावी अंकुश लगाना था।


157 पीड़ितों को कराया गया मुक्त, 100 तस्करों पर कसा शिकंजा

'ऑपरेशन नया सवेरा 3.0' के तहत पुलिस टीमों ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए कुल 63 मामले दर्ज किए और 100 तस्करों/अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इस दौरान विभिन्न स्थानों से कुल 157 पीड़ितों को सुरक्षित मुक्त कराया गया, जिनमें 33 पुरुष, 57 महिलाएं, 52 बालक और 15 बालिकाएं शामिल हैं। रेस्क्यू के मामले में किशनगंज जिला पहले स्थान पर रहा (23 पीड़ितों को मुक्त कराया), जबकि सीतामढ़ी जिला दूसरे स्थान पर रहा (17 पीड़ितों को मुक्त कराया)। इसके अलावा अररिया (08 कांडों में 21 अभियुक्त गिरफ्तार) और अरवल (01 कांड में 12 अभियुक्त गिरफ्तार) ने भी बेहतर प्रदर्शन किया।

त्वरित न्याय का उदाहरण: बगहा में दोषियों को 34 दिनों के भीतर आजीवन कारावास

कार्रवाई के साथ-साथ दोषियों को सजा दिलाने में भी पुलिस ने तेजी दिखाई है। मानव-व्यापार के एक मामले में (बगहा जिला, नौरंगिया थाना कांड सं.-05/2026) पुलिस की प्रभावी पैरवी से मात्र 34 दिनों के अंदर 02 दोषियों को आजीवन कारावास तथा 01-01 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इस त्वरित कार्रवाई के लिए बगहा के पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार (भा०पु०से०), तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अपर लोक अभियोजक, एएचटीयू प्रभारी और अनुसंधानकर्ता को पुरस्कृत व सम्मानित किया गया। इसके अलावा मोतिहारी, समस्तीपुर, सिवान और अररिया जिलों को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

गैर-सरकारी संगठनों का सराहनीय योगदान और 'सिनेमैटिक सुरक्षा' अभियान

इस अभियान को सफल बनाने में गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 'एसोसिएशन फॉर वॉ Voluntary एक्शन, बिहार' के सहयोग से 11 मामलों में 63 नाबालिगों को (प्रथम स्थान) तथा 'स्व० कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान, बिहार' के सहयोग से 07 मामलों में 29 नाबालिगों को (द्वितीय स्थान) मुक्त कराया गया, जिन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा 21 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक पूरे राज्य में "सिनेमैटिक सुरक्षा" अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सिनेमाघरों और थिएटरों में सेंसर विधि का पालन कराना तथा कानून के प्रति जागरूकता फैलाना है।