Bihar Police Recruitment: चालक सिपाही भर्ती में सेटिंग का खेल! पांच गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार
Bihar Police Recruitment: बिहार पुलिस चालक सिपाही भर्ती में अभ्यर्थियों को सेटिंग के जरिए पास कराने के नाम पर कथित तौर पर ठगी और उगाही करने वाले गिरोह का एयरपोर्ट थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है।...
Bihar Police Recruitment: बिहार पुलिस चालक सिपाही भर्ती में अभ्यर्थियों को सेटिंग के जरिए पास कराने के नाम पर कथित तौर पर ठगी और उगाही करने वाले गिरोह का एयरपोर्ट थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि इसका कथित मुख्य सरगना बिहारशरीफ निवासी अमित कुमार पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही इस फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क और अभ्यर्थियों से मांगी या वसूली गई रकम का खुलासा होने की उम्मीद है।
पुलिस के मुताबिक, 10 सितंबर की दोपहर करीब तीन बजे सूचना मिली कि वेटनरी कॉलेज मैदान में चालक सिपाही भर्ती का वाहन टेस्ट चल रहा है और कुछ लोग अभ्यर्थियों को सेटिंग के जरिए पास कराने के नाम पर सक्रिय हैं। सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया और पुलिस टीम ने मैदान की ओर दबिश दी।
वहां एक क्रेटा कार में बैठे तीन युवक पुलिस को देखकर सकपका गए। तलाशी के दौरान कार से अखबार में लपेटकर रखे मैट्रिक और इंटर के मूल अंकपत्र व प्रमाणपत्र बरामद हुए। ये दस्तावेज गुलशन कुमार के नाम पर थे। पुलिस ने कार सवार दिनेश कुमार, निवासी मानपुर भीमनगर, गया, प्रदीप कुमार, निवासी निर्मल बिगहा, औरंगाबाद और कल्याण सिंह यादव, निवासी श्रीपुर, जहानाबाद को हिरासत में लिया।
पूछताछ में दिनेश ने पुलिस को बताया कि अमित कुमार चालक सिपाही भर्ती में अभ्यर्थियों को पास कराने की कथित सेटिंग करता था। इसके लिए अभ्यर्थियों से उनके मैट्रिक-इंटर के मूल प्रमाणपत्र लिए जाते थे और बाद में रकम तय की जाती थी। पुलिस के अनुसार, इसी सिलसिले में गुलशन कुमार ने अपने मूल दस्तावेज गिरोह को दिए थे।जांच में यह भी सामने आया कि गुलशन ने 10 दिसंबर 2025 को औरंगाबाद में लिखित परीक्षा दी थी। आरोप है कि परीक्षा के दौरान ही उसे सेटिंग के जरिए पास कराने की बात तय हुई थी। इसके बाद 9 सितंबर को उसका वाहन टेस्ट वेटनरी कॉलेज मैदान में हुआ। पुलिस को शक है कि टेस्ट के बाद रकम के लेनदेन को लेकर मुलाकात होनी थी।
दिनेश की निशानदेही पर पुलिस ने गुलशन कुमार और अमित कुमार को पकड़ने के लिए कार्रवाई की। गुलशन को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि पुलिस के अनुसार बिहारशरीफ निवासी अमित कुमार इस मामले का मुख्य वांटेड है और उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने दिनेश और गुलशन के मोबाइल फोन की जांच की तो व्हाट्सऐप चैट में महत्वपूर्ण सुराग मिले। बातचीत में अमित कुमार को एडमिट कार्ड भेजने से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। पुलिस का दावा है कि गिरोह भर्ती में पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम तय करता था और बातचीत व रकम संबंधी सौदे व्हाट्सऐप के जरिए किए जाते थे।अब पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि गिरोह ने कितने अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाया, कितनी रकम की मांग या वसूली की गई और नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। मुख्य आरोपित अमित कुमार की गिरफ्तारी को पुलिस इस मामले की अहम कड़ी मान रही है।