Bihar Politics: लालू-राबड़ी- तेजस्वी के सुरक्षा विवाद पर रोहिणी का बवाली हमला, कहा-लालूवादी बड़ी संख्या में राबड़ी देवी के आधिकारिक आवास पहुंचें... बदले की राजनीति नहीं होगी बर्दाश्त

Bihar Politics: रोहिणी आचार्या ने अपने पोस्ट में कहा कि सुरक्षा कवर में कटौती के बाद दिखावे की सुरक्षा रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।...

लालू-राबड़ी- तेजस्वी के सुरक्षा विवाद पर रोहिणी का बवाली हमला- फोटो : reporter

Bihar Politics:बिहार की सियासत में सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा अब महज प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संघर्ष बनता जा रहा है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा सरकारी सुरक्षा लौटाए जाने के बाद अब इस सियासी जंग में लालू परिवार की बेटी रोहिणी आचार्या भी खुलकर मैदान में उतर आई हैं। रोहिणी आचार्या ने आज सुबह से इस मामले में मोर्चा संभाल लिया है। वे ताबड़तोड़ एनडीए सरकार पर हमला कर रही हैं। आज सुबह से रोहिणी ने सोशल मीडिया के एक्स पर तीन पोस्ट डाल कर सरकार के निर्ण्य पर सवाल खड़ा किया है। ताजा पोस्ट में  उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।

रोहिणी आचार्या ने अपने पोस्ट में कहा कि तमाम लालूवादियों से मेरी अपील है कि आप सब भारी संख्या में राबड़ी देवी जी के आधिकारिक आवास पहुँच कर बदले की भावना से काम रहे मुख्यमंत्री को ये सीधा , साफ़ और कड़ा संदेश दें कि आप सब ही लालू परिवार की असली सुरक्षा व् ढाल हैं 

पूरा देश , पूरा बिहार देख रहा है कि कैसे बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री व् उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है और बिहार की जनता ही बदले की भावना से की गयी हर कार्रवाई का मुँहतोड़ जवाब देगी ..

इससे पहले उन्होंने लिखा कि  सुरक्षा कवर में कटौती के बाद दिखावे की सुरक्षा रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। याद रखिए, सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन जनता का विश्वास और समर्थन सबसे बड़ी ताकत होता है। बिहार की जनता अन्याय, भेदभाव और बदले की राजनीति का हमेशा मुँहतोड़ जवाब देती रही है और आगे भी देती रहेगी।उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में कमी करने का फैसला राजनीतिक दुर्भावना और प्रतिशोध की भावना से प्रेरित है। उनके मुताबिक यह केवल सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि विपक्ष को दबाने और राजनीतिक प्रताड़ना देने की कोशिश है।

रोहिणी ने अपने समर्थकों और राजद कार्यकर्ताओं से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि तमाम लालूवादी बड़ी संख्या में राबड़ी देवी के आधिकारिक आवास पहुंचें और सरकार को यह साफ संदेश दें कि बिहार की जनता ही लालू परिवार की असली सुरक्षा कवच और ढाल है। उन्होंने कहा कि पूरा बिहार और पूरा देश देख रहा है कि किस तरह राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।अपने बयान में रोहिणी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और बदले की भावना से की गई हर कार्रवाई का लोकतांत्रिक तरीके से माकूल जवाब दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि लालू परिवार को जनता का अपार समर्थन प्राप्त है और यही समर्थन किसी भी सरकारी सुरक्षा से कहीं अधिक मजबूत सुरक्षा कवच है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुरक्षा को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक प्रतिष्ठा और जनभावनाओं से जुड़ चुका है।

अपने बयान में रोहिणी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और बदले की भावना से की गई हर कार्रवाई का लोकतांत्रिक तरीके से माकूल जवाब दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि लालू परिवार को जनता का अपार समर्थन प्राप्त है और यही समर्थन किसी भी सरकारी सुरक्षा से कहीं अधिक मजबूत सुरक्षा कवच है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुरक्षा को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक प्रतिष्ठा और जनभावनाओं से जुड़ चुका है। एक तरफ राजद इसे सम्मान और सुरक्षा का सवाल बता रही है, तो दूसरी तरफ सत्ता पक्ष इसे सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर लिया गया सामान्य प्रशासनिक निर्णय बता रहा है।

ऐसे में रोहिणी आचार्या की एंट्री ने इस पूरे विवाद को और अधिक राजनीतिक धार दे दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में सुरक्षा का यह मुद्दा बिहार की चुनावी राजनीति में कितना बड़ा प्रभाव छोड़ता है।

रिपोर्ट- रंजीत कुमार