महीनों की तल्खी के बाद तेजस्वी से मिले बड़े भाई तेज प्रताप, 'ऐतिहासिक भोज' का दिया न्योता, भतीजी पर बरसाया प्यार, लालू परिवार में खत्म हो रही दूरियां
बिहार की राजनीति और लालू परिवार के भीतर जारी खींचतान के बीच आज एक सुखद तस्वीर सामने आई है। कई महीनों की कथित दूरियों और मतभेदों को दरकिनार कर तेज प्रताप यादव अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से मिलने उनके आवास पहुंचे, जिससे राजनीतिक गलियारों में सुलह के स
Patna - पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर आज उस वक्त भावुक कर देने वाला दृश्य दिखा, जब बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने अपने माता-पिता और छोटे भाई से मुलाकात की। तेज प्रताप ने सबसे पहले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। परिवार से अलग रहने और पिछले कुछ समय से तेजस्वी के साथ सार्वजनिक मंचों पर दूरी दिखने के बाद, यह पहली बार था जब दोनों भाई इतनी आत्मीयता के साथ कैमरे के सामने नजर आए।
'ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज' का न्योता
इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाला भव्य कार्यक्रम रहा। तेज प्रताप यादव ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को कल, 14 जनवरी को आयोजित होने वाले "ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज" के लिए विधिवत निमंत्रण पत्र सौंपा। माना जा रहा है कि इस न्योते के जरिए तेज प्रताप ने न केवल भाईचारे का संदेश दिया है, बल्कि परिवार की एकजुटता को भी प्रदर्शित करने की कोशिश की है।
भतीजी कात्यायनी के साथ बिताए प्यार भरे पल
सियासी सरगर्मियों और निमंत्रण के बीच एक बेहद निजी और प्यारा पल तब देखने को मिला जब तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी की बेटी और अपनी भतीजी कात्यायनी को गोद में लिया। तेज प्रताप ने खुद इस अनुभव को साझा करते हुए इसे 'अद्भुत पल' बताया। बच्चे के साथ उनकी खिलखिलाती तस्वीरों ने यह साफ कर दिया कि चाहे राजनीतिक विचार अलग हों या रहने के ठिकाने, परिवार का प्रेम अब भी अटूट है।
सियासी गलियारों में चर्चा तेज
राजनीतिक जानकारों की मानें तो परिवार से दूरी बनाकर अलग रह रहे तेज प्रताप का खुद चलकर तेजस्वी के पास जाना एक बड़े बदलाव का संकेत है। पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर और पारिवारिक स्तर पर दोनों भाइयों के बीच 'कोल्ड वॉर' की खबरें आती रही थीं। लेकिन मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर हुए इस मिलन ने विरोधियों के उन दावों पर विराम लगा दिया है जिसमें लालू परिवार में बड़ी दरार की बात कही जा रही थी।
एकजुटता के साथ मनेगा त्यौहार
इस मुलाकात के बाद अब सबकी नजरें कल होने वाले 'दही-चूड़ा भोज' पर टिकी हैं। यह केवल एक खान-पान का आयोजन नहीं, बल्कि लालू परिवार के शक्ति प्रदर्शन और एकजुटता का केंद्र भी बनेगा। तेज प्रताप के इस कदम ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर दिया है। अब देखना यह होगा कि कल के भोज में तेजस्वी और परिवार के अन्य सदस्य शामिल होकर इस पारिवारिक 'पैच-अप' पर अंतिम मुहर कैसे लगाते हैं।