बिहार के पावर सेक्टर में लगेगा 'विदेशी पैसा': ऊर्जा सचिव और ADB निदेशक के बीच मेगा डील पर चर्चा, बदल जाएगी राज्य की सूरत!

ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह और एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की दक्षिण एशिया निदेशक सुजाता गुप्ता के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक ने राज्य के पावर सेक्टर में बड़े बदलावों के संकेत दे दिए हैं इस बैठक में न केवल राज्य के बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत

Patna - : बिहार के ऊर्जा क्षेत्र को वैश्विक मानकों पर ले जाने और बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाथ मिलाना शुरू कर दिया है। ऊर्जा विभाग के सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने शुक्रवार को एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की दक्षिण एशिया निदेशक सुजाता गुप्ता के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में बिहार की बिजली व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए विदेशी निवेश और तकनीकी सहयोग के अवसरों पर गहन मंथन किया गया।

नवीकरणीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर 

बैठक के दौरान राज्य में विद्युत उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और वितरण नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए एडीबी के संभावित सहयोग पर चर्चा हुई। विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को तलाशा गया, ताकि बिहार पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोतों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सके। ऊर्जा सचिव ने एडीबी प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की भविष्य की योजनाओं और अब तक किए गए प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी।

एडीबी और बिहार के बीच बढ़ेगा सहयोग 

एडीबी की निदेशक सुजाता गुप्ता और प्रधान ऊर्जा विशेषज्ञ जेम्स कोलंथराज ने बिहार में बिजली के बुनियादी ढांचे में सुधार की सराहना की। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि ऊर्जा क्षेत्र में सतत विकास और बड़े निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एडीबी और बिहार सरकार के बीच सहयोग को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। इससे आने वाले समय में राज्य को कम लागत पर बेहतर बिजली आपूर्ति और आधुनिक तकनीक मिलने का रास्ता साफ होगा।

शीर्ष अधिकारियों की रही मौजूदगी 

विद्युत भवन में हुई इस बैठक में विभाग के सभी प्रमुख विंग के एमडी शामिल रहे। साउथ बिहार पावर और बीएसपीजीसीएल के एमडी महेंद्र कुमार के साथ नॉर्थ बिहार पावर और ट्रांसमिशन कंपनी के एमडी राहुल कुमार ने भी निवेश के विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर अपने सुझाव दिए। सरकार की इस पहल से संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही बिहार के पावर सेक्टर में बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स की शुरुआत हो सकती है।