Bihar Land Dispute: राजस्व विभाग में ऑफलाइन का खेल खत्म, फर्जीवाड़े पर कसा शिकंजा, नियम तोड़े तो अफसरों पर गिरेगी कार्रवाई की गाज

Bihar Land Dispute: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन से जुड़े कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़ा फरमान जारी किया है।

Bihar Land Dispute: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमीन से जुड़े कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़ा फरमान जारी किया है। विभाग में ऑनलाइन व्यवस्था को पूरी तरह लागू कर दिया गया है। अब किसी भी स्तर पर ऑफलाइन कामकाज की गुंजाइश नहीं होगी। खासकर राजस्व न्यायालयों में ऑफलाइन प्रक्रिया पर मुकम्मल पाबंदी लगा दी गई है। यदि कहीं से ऑफलाइन काम करने या कराने की शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सोमवार को नवपदस्थापित अपर समाहर्ताओं (एडीएम) और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर) को सख्त दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी राजस्व न्यायालयों का फिजिकल वेरिफिकेशन कराने का फैसला लिया गया है। निरीक्षण के दौरान न्यायालयों में चल रहे मुकदमों, लंबित रिकॉर्ड, फाइलों और पूरी अदालती प्रक्रिया की बारीकी से पड़ताल की जाएगी।

ऑफलाइन खेल खत्म, डिजिटल सिस्टम पर जोर

विभाग का मकसद राजस्व व्यवस्था से बिचौलियों के दखल को खत्म करना और आम आदमी को घर बैठे अपने भूमि रिकॉर्ड एवं मामलों की जानकारी उपलब्ध कराना है। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से कागजी कार्रवाई और अनावश्यक दौड़-भाग पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।नवपदस्थापित अधिकारियों को अपने-अपने अंचलों में प्रमुख भूमि विवादों और राजस्व मामलों का अध्ययन करने का निर्देश दिया गया है। किसी मामले में कानूनी पेंच या संशय होने पर आदेश पारित करने से पहले वरीय अधिकारियों से मशविरा लेना अनिवार्य होगा।

अंचलों में बैठक और इलाके का दौरा जरूरी

अधिकारी निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक अंचल अधिकारी, अमीन और राजस्व कर्मचारियों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में जमीनी समस्याओं, लंबित मामलों और जनता की शिकायतों की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को सिर्फ दफ्तर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा भी करना होगा।आम जनता से सीधा संवाद कर भूमि विवाद और राजस्व संबंधी शिकायतों को तय समय-सीमा में निपटाने पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों को कानून और नियमों का नियमित अध्ययन करने के साथ विभाग की ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं की मुकम्मल जानकारी रखने को कहा गया है।

फर्जीवाड़े पर शिकंजा, लंबित फाइलों पर नजर

राजस्व न्यायालयों के फिजिकल निरीक्षण से लंबित फाइलों, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और संभावित फर्जीवाड़े पर निगरानी मजबूत होगी। डीसीएलआर स्तर पर मामलों के गहन अध्ययन से फैसलों की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। डिजिटल डेटा की बेहतर समझ से भूमि रिकॉर्ड की सटीक जानकारी भी उपलब्ध होगी।

सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नागरिक अपने भूमि मामलों और रिकॉर्ड की स्थिति घर बैठे ऑनलाइन देख सकेंगे, जबकि ऑफलाइन व्यवस्था के नाम पर होने वाले बिचौलियों के हस्तक्षेप पर विभाग ने सख्त शिकंजा कसने का संकेत दिया है।

हीरेश कुमार