Bihar News: विजय सिन्हा की सख्त कार्रवाई, 69 राजस्व अधिकारियों को भेजा नोटिस, इस दिन तक देना होगा जवाब नहीं तो....

Bihar News: डिप्टी सीएम सह राजस्व मंत्री विजय सिन्हा ने हड़ताल पर गए अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। 69 राजस्व अधिकारियों को नोटिस भेज गया है और पूछा गया है कि उन्हें क्यों निलंबित ना किया जाए।

69 राजस्व अधिकारियों नोटिस - फोटो : social media

Bihar News:  बिहार में हड़ताल पर गए अधिकारियों पर एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 69 राजस्व अधिकारियों को नोटिस भेजा है। सभी अधिकारियों को 13 अप्रैल तक का समय दिया गया है। अगर वो 13 अप्रैल तक जवाब नहीं देते हैं तो फिर उनपर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि यह नोटिस  सरकार ने सामूहिक अवकाश और सरकारी कार्यों से अनधिकृत अनुपस्थिति पर किया है।  

69 अधिकारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण 

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उपसचिव संजय कुमार सिंह ने 69वीं बीपीएससी बैच के 69 अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों द्वारा लिया गया सामूहिक अवकाश अवैध है और इस अवधि को सेवा में नहीं जोड़ा जाएगा। आरोप है कि संबंधित अधिकारी 25 मार्च की शाम 5 बजे तक अपने पदों पर योगदान देने में विफल रहे, जो सरकारी आदेशों की अवहेलना और बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के नियम 3(1) का उल्लंघन है।

क्यों ना हो बर्खास्तगी की कार्रवाई 

अधिकारियों से पूछा गया है कि उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई क्यों न की जाए। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि 13 अप्रैल तक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो इसे जवाब न मानते हुए एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई राज्य के 24 जिलों में तैनात अधिकारियों पर लागू की गई है, जिनमें गया, रोहतास और मधुबनी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

1 अप्रैल से सख्त प्रशासनिक व्यवस्था लागू

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पहले ही साफ कर दिया था कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में सख्त प्रशासनिक व्यवस्था लागू की जा रही है। प्रधान सचिव सी.के. अनिल द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि कोई भी अंचल खाली नहीं रहेगा। हड़ताल में शामिल नहीं होने वाले अधिकारियों को उनके मूल पद के साथ-साथ अन्य रिक्त अंचलों का अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा। इसमें अंचलाधिकारी, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, राजस्व अधिकारी और कानूनगो शामिल होंगे।

जिलाधिकारियों को मिला नया टास्क 

सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर अंचल में अधिकारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को दिया गया अतिरिक्त प्रभार पर्याप्त नहीं है, इसलिए अब सीधे राजस्व अधिकारियों को ही यह जिम्मेदारी दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत दाखिल-खारिज, परिमार्जन, मापी, अतिक्रमण हटाने और प्रमाण पत्र से जुड़े कार्यों को निर्बाध जारी रखने पर जोर दिया गया है। अतिरिक्त प्रभार पाने वाले अधिकारियों को पूर्ण वित्तीय अधिकार भी दिए जाएंगे, ताकि योजनाओं और वेतन संबंधी कार्य प्रभावित न हों।

विजय सिन्हा का सख्त आदेश 

उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि जनसेवाओं में बाधा किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि, हड़ताल के नाम पर राजस्व सेवाएं बाधित करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। एक अप्रैल से हर अंचल में काम होगा और जो अधिकारी अनुपस्थित रहेंगे, उनकी जगह अन्य अधिकारियों को तत्काल जिम्मेदारी दी जाएगी। सरकार के इस कदम को प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और जनता से जुड़े कार्यों को प्रभावित होने से बचाने की दिशा में बड़ा निर्णय माना जा रहा है।