Bihar Education Department: सरकारी स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का अंदाज, नए सत्र से बदलेगी पढ़ाई की तस्वीर

Bihar Education Department: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने अपनी कवायद तेज कर दी है। ..

सरकारी स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का अंदाज- फोटो : X

Bihar Education Department: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने अपनी कवायद तेज कर दी है। राज्य के सरकारी स्कूलों में अब पारंपरिक पढ़ाई के साथ डिजिटल शिक्षा को भी विशेष तरजीह देने की तैयारी है। विभाग की योजना के मुताबिक, अगले शैक्षणिक सत्र से छठी और उससे ऊपर की कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने की तैयारी चल रही है। इस पहल के जरिए सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को शुरुआती स्तर से ही कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान देने का लक्ष्य रखा गया है।

पहले शिक्षकों को मिलेगी कंप्यूटर ट्रेनिंग

कंप्यूटर शिक्षा लागू करने से पहले शिक्षा विभाग शिक्षकों को प्रशिक्षित करेगा। इसके लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें शिक्षकों को कंप्यूटर संचालन, डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी बुनियादी जानकारी दी जाएगी।विभाग का मानना है कि जब शिक्षक खुद कंप्यूटर संचालन में दक्ष होंगे, तभी वे विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से तकनीकी ज्ञान दे सकेंगे। प्रशिक्षण के बाद शिक्षक कक्षाओं में बच्चों को किताबी जानकारी के साथ कंप्यूटर का व्यावहारिक इस्तेमाल भी सिखाएंगे। इससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।

700 मॉडल स्कूलों में 31 मार्च से पहले स्मार्ट क्लास

डिजिटल शिक्षा अभियान को गति देने के लिए राज्य के सभी 700 सरस्वती विद्या निकेतन यानी मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लास विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए 31 मार्च से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है।स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों की मदद से पढ़ाई कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए स्कूलों में जरूरी उपकरण, तकनीकी संसाधन और अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत तक इन विद्यालयों में डिजिटल पढ़ाई का माहौल तैयार हो जाए।

आदर्श विद्यालयों की चारदीवारी भी होगी मुकम्मल

डिजिटल शिक्षा के साथ-साथ विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने पर भी विभाग का फोकस है। जिन आदर्श विद्यालयों में अब तक चारदीवारी का निर्माण नहीं हो पाया है, वहां निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। इससे विद्यालय परिसर की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

सरकारी स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का अंदाज

शिक्षा विभाग की इस पहल को सरकारी विद्यालयों में तकनीकी शिक्षा का दायरा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने की तैयारी, शिक्षकों का प्रशिक्षण और 700 मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लास की स्थापना से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।हालांकि, इस योजना की वास्तविक सफलता कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली और प्रशिक्षित शिक्षकों जैसी सुविधाओं की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग निर्धारित समयसीमा में तैयारियां पूरी कर नए शैक्षणिक सत्र से इस व्यवस्था को किस तरह जमीन पर उतारता है। यदि योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए डिजिटल शिक्षा के नए रास्ते खुल सकते हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट