Bihar Education Department: बाढ़ से पहले अलर्ट पर शिक्षा विभाग, स्कूलों को जारी हुआ फरमान, राहत शिविर से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक का पूरा प्लान तैयार करने का आदेश
Bihar Education Department: बिहार में संभावित बाढ़ को देखते हुए शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। ...
Bihar Education Department: बिहार में संभावित बाढ़ को देखते हुए शिक्षा विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को निर्देश जारी कर बाढ़ प्रभावित होने वाले विद्यालयों की पहचान करने और बाढ़ आने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा है। मकसद यह है कि आपदा की स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उनकी सुरक्षा के साथ-साथ आवश्यक सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा सकें।
शिक्षा विभाग ने अपने निर्देश में कहा है कि जिन विद्यालयों में हर वर्ष बाढ़ का खतरा रहता है, वहां स्कूल के सभी महत्वपूर्ण अभिलेख, शिक्षण सामग्री, कंप्यूटर, उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधनों को पहले से ही सुरक्षित स्थान पर रख दिया जाए, ताकि बाढ़ के दौरान किसी प्रकार का नुकसान न हो।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों में राहत शिविर बनाए जाने की संभावना है, वहां विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए पहले से वैकल्पिक शिक्षण केंद्र या अन्य स्थानों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राहत शिविरों में रहने वाले बच्चों के लिए प्रतिदिन 3 से 4 घंटे तक पठन-पाठन, खेलकूद और ज्ञानवर्धक गतिविधियों का संचालन करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि आपदा के बीच भी बच्चों की शिक्षा बाधित न हो।
मुख्यमत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत सभी स्कूलों को विद्यार्थियों को बाढ़ के दौरान क्या करें और क्या न करें, इसकी नियमित जानकारी देने को कहा गया है। साथ ही अभिभावकों और बच्चों को किताबें, कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।विभाग ने बच्चों को बाढ़ से बचाव, डूबने से सुरक्षा और नाव पर सुरक्षित यात्रा से जुड़े जरूरी उपायों की जानकारी देने पर भी विशेष जोर दिया है। वहीं विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश भी सभी विद्यालयों को दिया गया है।
राहत शिविरों में रहने वाले बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और हाथ धोने जैसी अच्छी आदतों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। इसके अलावा विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त खाद्यान्न और गैस सिलेंडर उपलब्ध रखने तथा सभी स्कूलों में प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) किट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।शिक्षा विभाग का मानना है कि समय रहते इन तैयारियों को पूरा करने से बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य तीनों को बेहतर तरीके से संरक्षित किया जा सकेगा। विभाग ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने और नियमित निगरानी करने का आदेश भी दिया है।
ब्यूरो रिपोर्ट