Bihar Electricity:बिजली के क्षेत्र में बिहार की बड़ी छलांग, रिकॉर्ड मांग के बावजूद नहीं हुआ ब्लैकआउट, मजबूत ग्रिड ने बनाया नया कीर्तिमान

Bihar Electricity:बिहार ने ऊर्जा क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए बिजली आपूर्ति का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।...

बिजली के मोर्चे पर बिहार का नया कीर्तिमान- फोटो : reporter

Bihar Electricity:बिहार ने ऊर्जा क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए बिजली आपूर्ति का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 4 जुलाई 2026 की रात 10:02 बजे राज्य ने 9426 मेगावाट की सर्वाधिक पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया। खास बात यह रही कि रिकॉर्ड स्तर की मांग के बावजूद पूरे राज्य में कहीं भी बड़े स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई और उपभोक्ताओं को निर्बाध तथा गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलती रही। इसे राज्य की मजबूत होती विद्युत व्यवस्था और बेहतर ग्रिड प्रबंधन की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

ऊर्जा विभाग के अनुसार, यह सफलता ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क को लगातार मजबूत करने, ग्रिड क्षमता बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल का प्रत्यक्ष परिणाम है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में बिजली अवसंरचना का तेजी से विस्तार किया गया है, जिसका असर अब रिकॉर्ड बिजली मांग को संभालने की क्षमता के रूप में सामने आ रहा है।

राज्य में बिजली की बढ़ती खपत को सरकार बिहार के तेजी से हो रहे आर्थिक और सामाजिक विकास का संकेत मान रही है। घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा औद्योगिक इकाइयों, शहरी क्षेत्रों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। नए उद्योगों की स्थापना, शहरों का विस्तार, सिंचाई के लिए बिजली आधारित संसाधनों का बढ़ता उपयोग और ग्रामीण इलाकों में जीवन स्तर में सुधार के कारण बिजली की खपत नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है।

आंकड़े बताते हैं कि एक दशक पहले बिहार की अधिकतम बिजली मांग महज 1800 मेगावाट के आसपास थी, जबकि अब यह बढ़कर 9426 मेगावाट तक पहुंच गई है। पहले जहां साल में एक बार अधिकतम मांग दर्ज होती थी, वहीं अब रिकॉर्ड स्तर की मांग नियमित रूप से सामने आ रही है। इसके बावजूद राज्य की विद्युत प्रणाली बिना किसी बड़े व्यवधान के लगातार सफलतापूर्वक लोड का प्रबंधन कर रही है।

ऊर्जा विभाग ने ट्रांसमिशन लाइन, ग्रिड उपकेंद्र, पावर ट्रांसफॉर्मर और वितरण नेटवर्क की क्षमता में लगातार वृद्धि की है। आधुनिक रियल-टाइम मॉनिटरिंग, प्रभावी लोड मैनेजमेंट और चौबीसों घंटे तकनीकी निगरानी के जरिए उच्चतम मांग के दौरान भी ग्रिड को स्थिर बनाए रखा जा रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 1912 हेल्पलाइन और राज्यभर में संचालित फ्यूज कॉल सेंटर लगातार सक्रिय हैं।

ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने कहा कि राज्य में बढ़ती बिजली मांग बिहार के चहुंमुखी विकास का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार हर उपभोक्ता तक निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए ऊर्जा विभाग और बिजली कंपनियों के सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी।

वहीं ऊर्जा विभाग के सचिव सह सीएमडी, अजय यादव ने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क का लगातार आधुनिकीकरण किया जा रहा है। आधुनिक ग्रिड प्रबंधन, क्षमता विस्तार और रियल-टाइम निगरानी के कारण बिहार लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। उनका कहना है कि आने वाले समय में भी राज्य की बिजली व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाकर उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

रिपोर्ट- राजगीर सिंह