बिहार बंद का ऐलान, इन जिलों में स्कूल- कॉलेजों को बंद करने का आदेश, एयरपोर्ट-स्टेशन पर सुरक्षा का घेरा, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा
Bihar Bandh School Closed: नीट पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के खिलाफ आज बिहार बंद का बिगुल बज चुका है।संभावित बवाल को देखते हुए 26 जुलाई तक स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गय
Bihar Bandh School Closed: नीट पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के खिलाफ आज बिहार बंद का बिगुल बज चुका है। छात्र संगठन AISA और राष्ट्रीय युवा आंदोलन के आह्वान पर पूरे प्रदेश में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। विपक्षी दलों के समर्थन से यह बंद अब महज़ छात्र आंदोलन नहीं, बल्कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधी टक्कर का मैदान बनता दिख रहा है। दूसरी ओर प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों पर किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।संभावित बवाल को देखते हुए पटना, औरंगाबाद समेत कई जिलों में 26 जुलाई तक स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है। बेगूसराय में भी एहतियातन शिक्षण संस्थानों पर ताला लगा दिया गया है। पूरे बिहार में करीब 70 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
पुलिस मुख्यालय में हुई हाई-लेवल बैठक में डीजीपी विनय कुमार ने साफ हिदायत दी कि किसी भी फसाद, हंगामे या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को फौरन कुचल दिया जाए। दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले 117 संदिग्धों पर पुलिस की पैनी नजर है। कोचिंग संस्थानों की ऑनलाइन और ऑफलाइन गतिविधियों का भी लिखित रिकॉर्ड रखा जाएगा, जबकि संवेदनशील इलाकों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी।
डीजी (अभियान) कुंदन कृष्णन ने अधिकारियों को छात्र नेताओं से संवाद बनाए रखने और किसी भी तनावपूर्ण स्थिति को समय रहते संभालने के निर्देश दिए हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को संवेदनशील घोषित कर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हिंसा फैलाने वाले उपद्रवी तत्वों की पहचान कर उनके पोस्टर जारी करने की भी तैयारी है।
पटना के डीएम कुंदन कुमार ने छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन की आड़ में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले शरारती और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने दो टूक कहा कि बंद के नाम पर जबरदस्ती, तोड़फोड़ या हिंसा किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजधानी पटना में डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, करगिल चौक, इनकम टैक्स चौराहा, अशोक राजपथ, मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और पटना जंक्शन समेत सभी अहम स्थानों पर सुरक्षा का अभेद्य घेरा बना दिया गया है। CISF, BSF, SSB और CRPF के जवान भी स्थानीय पुलिस के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। जेपी गोलंबर पर वाटर कैनन के साथ 200 जवानों की तैनाती की गई है।
उधर, बिहार बंद को राजद, कांग्रेस, वीआईपी और वामदलों का समर्थन मिलने से आंदोलन ने सियासी रंग भी पकड़ लिया है। अब पूरे प्रदेश की नजर इस बात पर टिकी है कि बंद शांतिपूर्ण रहता है या फिर सियासी टकराव और पुलिस की सख्ती के बीच हालात नई करवट लेते हैं।