दिल्ली की सियासत में तेजस्वी की एंट्री, जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन से जुड़ेंगे नेता प्रतिपक्ष, बिहार में उठे नेतृत्व और जवाबदेही के सवाल

Tejashwi Yadav: बिहार की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की भूमिका एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।...

Tejashwi Yadav Reaches Delhi May Join Student Protest Today
दिल्ली पहुंचे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव- फोटो : social Media

Tejashwi Yadav:  बिहार की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की भूमिका एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच तेजस्वी यादव दिल्ली पहुंच गए हैं। संभावना जताई जा रही है कि वह आज जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल होकर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं। इसके साथ ही वह अपने पिता और आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव से भी मुलाकात करेंगे।

तेजस्वी यादव का दिल्ली दौरा ऐसे वक्त में हुआ है, जब बिहार की सियासत में उनके गायब रहने को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि आखिर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कहां हैं? पिछले कई दिनों से नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर बिहार में छात्र और विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन विधानसभा में विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा नजर नहीं आया।

भारतीय जनता पार्टी ने इसी मुद्दे को हथियार बनाते हुए तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि जब राज्य में छात्र सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं और सरकार से जवाब मांग रहे हैं, तब विपक्ष का नेतृत्व मैदान में दिखाई नहीं दे रहा है।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, आरजेडी की पूरी सियासी रणनीति पिछले कुछ वर्षों में तेजस्वी यादव के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गई है। चुनावी फैसले हों, संगठन विस्तार हो या फिर सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति—हर बड़े मोर्चे पर तेजस्वी ही पार्टी का मुख्य चेहरा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या आरजेडी ने उनके अलावा कोई ऐसी दूसरी नेतृत्व टीम तैयार की है, जो उनकी अनुपस्थिति में पार्टी को मजबूती से संभाल सके?

नीट पेपर लीक जैसे बड़े मुद्दे पर विपक्ष को जिस आक्रामकता के साथ सड़क पर उतरना चाहिए था, वहां विपक्षी एकजुटता कमजोर नजर आई। छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक समर्थन देने की होड़ में भी आरजेडी की सक्रियता पर सवाल उठे। विरोधियों का दावा है कि पार्टी एक व्यक्ति केंद्रित संगठन बनती जा रही है, जहां दूसरे नेताओं की भूमिका सीमित होती जा रही है।

वहीं, आरजेडी समर्थकों का तर्क है कि तेजस्वी यादव लगातार बिहार के राजनीतिक मुद्दों पर नजर बनाए हुए हैं और सही समय पर वह जनता के बीच अपनी बात रखते हैं। दिल्ली पहुंचने के बाद जंतर-मंतर पर छात्रों के बीच उनकी मौजूदगी नीट मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश मानी जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव भी करीब है। ऐसे में आरजेडी के सामने चुनौती सिर्फ सरकार को घेरने की नहीं, बल्कि संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय रखने की भी है। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या तेजस्वी यादव की मौजूदगी आंदोलन को नई धार देगी या फिर विपक्ष के नेतृत्व संकट की बहस और तेज होगी।

रिपोर्ट- धीरज कुमार सिंह