Bihar illegal mining: बिहार में सरकारी टेंडरों पर सख्ती, EOU ने बनाई विशेष टीम, बालू माफियों के गर्दन पर लटकी तलवारें

Bihar illegal mining: बिहार में सरकारी टेंडरों पर सख्ती, EOU ने बनाई विशेष टीम Economic Offences Unit ने बिहार में सरकारी टेंडरों की निगरानी और जांच के लिए एक खास टीम बनाई है। यह टीम एसपी के नेतृत्व में काम करेगी और इसमें कुल पांच सदस्य शामिल हैं।

बालू माफिया पर कसेगा शिकंजा!- फोटो : social media

 Bihar illegal mining:  Economic Offences Unit (EOU) ने बिहार में सरकारी टेंडरों की निगरानी और जांच के लिए एक खास टीम बनाई है। यह टीम एसपी के नेतृत्व में काम करेगी और इसमें कुल पांच सदस्य शामिल हैं। इसका उद्देश्य सभी विभागों की निविदा प्रक्रिया पर नजर रखना और गड़बड़ियों को रोकना है। इस बारे में जानकारी पंकज कुमार ने पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि अलग-अलग विभागों में टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों की जांच और सही कार्रवाई के लिए यह टीम बनाई गई है।

जांच के दौरान अवैध खनन से जुड़े मामलों में भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। 17 जिलों में जांच के दौरान पाया गया कि खनन सॉफ्टवेयर में टेंडर और अन्य प्रक्रियाओं में ओटीपी सिस्टम का सही इस्तेमाल नहीं किया गया। इससे करीब 100 लाइसेंसधारियों को फायदा मिला और राज्य को लगभग 350 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले में अब तक 62 केस दर्ज किए जा चुके हैं और जांच जारी है।

21 करोड़ रुपये के अवैध संपत्ति से जुड़े मामलें

इसके अलावा, जनवरी से मार्च के बीच 21 करोड़ रुपये के अवैध संपत्ति से जुड़े मामलों को ED को भेजा गया है, ताकि PMLA 2002 के तहत कार्रवाई की जा सके। ये मामले अभी जांच में हैं। सहकारिता क्षेत्र में भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। आवामी लीग और वैशाली सहकारिता बैंक से जुड़े करीब 101 करोड़ रुपये के मामले की जांच चल रही है। इस मामले में मुख्य आरोपी संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले तीन अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जा चुका है। एक और मामले में फर्जी ई-वे बिल के जरिए झारखंड से कोयला लाकर बिहार में बेचने का मामला सामने आया है। इसमें भी संतोष कुमार को सिवान से गिरफ्तार किया गया है। इस तरीके से करीब 35 लाख रुपये के राजस्व की चोरी की गई थी।

EOU की नई पहल बिहार में लाएगी बदलाव

वहीं, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद से जुड़ा पेपर लीक मामला भी सामने आया है। इसमें मुख्य आरोपी सरफराज उर्फ जन्नत को गिरफ्तार किया गया है। वह यूट्यूब चैनल के जरिए सरकारी स्कूलों के प्रश्न पत्र हल करके डालता था और इसके बदले लोगों से यूपीआई के जरिए पैसे लेता था। EOU की यह नई पहल बिहार में सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।