Bihar DGP: एविडेंस के आधार पर कार्रवाई हुई है....भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन, गोली चलाने के आरोपी STF जवान अक्षय कुमार गिरफ्तार, DGP बोले- 'सबूतों के आधार पर हुई कार्रवाई'

भोजपुर के इस बहुचर्चित एनकाउंटर में गोली चलाने के आरोपी बिहार एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी के बाद पहली बार बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा कि कार्रवाई पुख्ता सबूतों के आधार पर की गई है..

'सबूतों के आधार पर हुई कार्रवाई'- फोटो : reporter

Bihar DGP: बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। भोजपुर के इस बहुचर्चित एनकाउंटर में गोली चलाने के आरोपी बिहार एसटीएफ  के जवान अक्षय कुमार को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पहली बार बिहार के पुलिस महानिदेशक  विनय कुमार ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ कहा कि कार्रवाई पुख्ता सबूतों के आधार पर की गई है और जांच अभी जारी है।

पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान डीजीपी विनय कुमार ने कहा, "एविडेंस के आधार पर कार्रवाई हुई है। आगे भी कार्रवाई होगी। ज्यूडिशियल इंक्वायरी और पुलिस इन्वेस्टिगेशन, दोनों समानांतर रूप से चल रहे हैं।" डीजीपी के इस बयान से साफ संकेत मिल रहे हैं कि जांच का दायरा और बढ़ सकता है तथा मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

बचा दें कि  17 जून को हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद उसकी मां आशा देवी ने आरोप लगाया था कि बेटे के आत्मसमर्पण करने के बावजूद उसे गोली मार दी गई। परिवार का दावा है कि सबसे पहली गोली एसटीएफ जवान अक्षय कुमार ने चलाई थी। इसी आरोप के आधार पर जांच शुरू हुई और कई अहम साक्ष्य जुटाए गए।

जांच एजेंसियों के अनुसार, पूछताछ के लिए कई बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद अक्षय कुमार पेश नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान, सर्विलांस और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसे हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया। अब उससे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की परतें खुल सकें। इस मामले को डीजीपी विनय कुमार ने गंभीरता से लिया है और जांच की गति को तेज करते हुए जवान को निलंबित कर दियाा गया है।

इस केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी कई सवाल खड़े करती है। रिपोर्ट में भरत तिवारी के शरीर में पांच गोलियां लगने की पुष्टि हुई, जबकि पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट में तीन गोलियां लगने की बात कही गई थी। इसी विरोधाभास के बाद एनकाउंटर की निष्पक्षता पर सवाल उठे और जांच तेज कर दी गई। डीजीपी के बयान के बाद अब सभी की नजर न्यायिक जांच और पुलिस की विस्तृत तफ्तीश पर टिकी है कि इस चर्चित एनकाउंटर की पूरी सच्चाई  सामने आएगी।

रिपोर्ट- रंजीत कुमार