बिहार विधान सभा में शिक्षकों के ड्रेस कोड पर बड़ा ऐलान: स्कूल जाने से पहले जान लीजिए क्या पहन सकते हैं शिक्षक-शिक्षिकाएं?

प्रश्नकाल के दौरान राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के ड्रेस कोड का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित है, लेकिन इसके बावजूद कई शिक्षक निर्धारित ड्रेस में स्कूल नहीं पहुंचते हैं।

Bihar Teachers Dress Code- फोटो : news4nation

Bihar Vidhansabha :  बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के ड्रेस कोड को लेकर विधानसभा में मंगलवार को खूब चर्चा हुई। सवाल यह उठा कि क्या बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए भी बच्चों की तरह कोई तय यूनिफॉर्म है? क्या शिक्षक-शिक्षिकाओं को किसी खास रंग या डिजाइन के कपड़े पहनकर ही स्कूल जाना होगा? सरकार के जवाब के बाद इस पूरे मामले की तस्वीर साफ हो गई है।


विधानसभा में उठा शिक्षकों के ड्रेस कोड का मुद्दा

प्रश्नकाल के दौरान राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के ड्रेस कोड का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित है, लेकिन इसके बावजूद कई शिक्षक निर्धारित ड्रेस में स्कूल नहीं पहुंचते हैं। इस पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि शिक्षकों के ड्रेस कोड को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से वर्ष 2019 में पत्र जारी किया गया था। इसके बाद वर्ष 2024 में इसे नोटिफाई किया गया और वर्ष 2026 में भी इस संबंध में फिर से पत्र जारी किया गया है।


ड्रेस कोड नहीं माना तो 48 घंटे में कार्रवाई

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों को गरिमापूर्ण पोशाक में स्कूल आना होगा। यदि कोई शिक्षक निर्धारित गरिमापूर्ण पोशाक के नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ 48 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के इस जवाब के बाद राजद विधायक आलोक मेहता ने कहा कि बिहार के किसी भी स्कूल में शिक्षक यूनिफॉर्म पहनकर नहीं आते हैं। इस पर सदन में स्थिति को स्पष्ट करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि शिक्षकों के लिए बच्चों की तरह किसी विशेष यूनिफॉर्म की बाध्यता नहीं है।


क्या पहनकर स्कूल जा सकते हैं शिक्षक-शिक्षिकाएं?

उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने साफ किया कि स्कूलों में यूनिफॉर्म की बाध्यता बच्चों के लिए है। बच्चों को निर्धारित यूनिफॉर्म पहनकर स्कूल जाना होता है। शिक्षकों के लिए किसी खास रंग, डिजाइन या एक जैसी यूनिफॉर्म पहनने का नियम नहीं है। शिक्षक और शिक्षिकाएं अपनी पसंद के कपड़े पहनकर स्कूल जा सकते हैं, लेकिन उनका पहनावा गरिमापूर्ण और शालीन होना चाहिए। यानी सरकार ने शिक्षकों के लिए किसी खास रंग या डिजाइन की ड्रेस तय नहीं की है, लेकिन ऐसे कपड़े पहनने होंगे जो शिक्षक पद की गरिमा के अनुरूप हों।


यानी बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए “यूनिफॉर्म नहीं, लेकिन गरिमापूर्ण ड्रेस जरूरी” है। अब अगर कोई शिक्षक या शिक्षिका इस निर्धारित मर्यादा का पालन नहीं करता है, तो सरकार के मुताबिक उसके खिलाफ 48 घंटे के भीतर कार्रवाई की जा सकती है।