Bihar DTO Transfer:बिहार परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल, 13 जिलों को मिले नए DTO, देखें पूरी लिस्ट

बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता के लिए 13 जिलों में नए DTO की पदस्थापना की है। मुजफ्फरपुर, पूर्णियाँ, कटिहार समेत कई जिलों में महिला अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

13 जिलों को मिले नए DTO, देखें पूरी लिस्ट- फोटो : news 4 nation

बिहार सरकार के परिवहन विभाग ने राज्य भर में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और परिवहन तंत्र में पारदर्शिता व गतिशीलता लाने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की पूर्व अधिसूचनाओं के आलोक में परिवहन विभाग ने 13 अधिकारियों को विभिन्न जिलों में जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) के पद पर पदस्थापित किया है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, सभी नवपदस्थापित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने आवंटित जिलों में DTO का कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है।


महिला अधिकारियों को सौंपी गई प्रमुख जिलों की कमान

इस नई पदस्थापना की सबसे बड़ी खासियत महिला अधिकारियों पर जताया गया भरोसा है। राज्य के प्रमुख और व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण जिले मुजफ्फरपुर की कमान प्रियंका सिन्हा को सौंपी गई है। इसके अलावा, पूर्णियाँ में सोनी कुमारी, कटिहार में डेजी रानी, अरवल में निकिता कुमारी और किशनगंज में कोमल किरण को DTO के रूप में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। महिला अफसरों की इस बड़े पैमाने पर तैनाती को प्रशासनिक दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है।

भारी ट्रैफिक वाले जिलों में नए अफसरों की तैनाती

मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, कटिहार और पश्चिम चंपारण जैसे घनी आबादी और भारी वाहनों की आवाजाही वाले जिलों में नए अधिकारियों की पोस्टिंग की गई है। इसके तहत पश्चिम चंपारण में अमित राज, वैशाली में आलोक चन्द्र चौधरी, समस्तीपुर में प्रवीण कुमार, नवादा में रंजीत कुमार, बक्सर में प्रशांत रमानिया, सीतामढ़ी में निशांत कुमार, जहानाबाद में वीरेन्द्र कुमार और कैमूर में ललित राही को DTO बनाया गया है। इन महत्वपूर्ण जिलों में अधिकारियों के बदलाव से प्रशासनिक कामकाज में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।


राजस्व संग्रह और ओवरलोडिंग पर नकेल कसने की तैयारी

यह स्थानांतरण सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना (संख्या 12418 एवं 12429) के तहत किया गया है। नए जिला परिवहन अधिकारियों की तैनाती से क्षेत्रीय स्तर पर वाहनों के निबंधन (Registration), ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने, फिटनेस जांच और सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराने में तेजी आएगी। साथ ही, ओवरलोडिंग के खिलाफ सघन अभियान चलाकर राजस्व संग्रह (Revenue Collection) को बढ़ाना और परिवहन सेवाओं को आम जनता के लिए अधिक सुलभ बनाना विभाग की मुख्य प्राथमिकता रहेगी।

पटना से धीरज पराशर की रिपोर्ट