पटना समेत इन शहरों के लिए बड़ी खुशखबरी, इन शहरों से शुरू होगी 340 हाईटेक बसें, नहीं सहनी होगी भीड़ और गर्मी

बिहार में 340 नई एसी इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसें चलेंगी। जून से पीपीपी मोड में शुरू होगा परिचालन। पटना को मिलेंगी सबसे ज्यादा बसें। ऑनलाइन टिकट और पास की सुविधा भी मिलेगी।

Patna - बिहार सरकार राज्य के नागरिकों के लिए यात्रा को सुगम, तेज और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। परिवहन विभाग ने निर्णय लिया है कि राज्य के विभिन्न रूटों पर 340 नई वातानुकूलित (AC) यात्री बसें चलाई जाएंगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ये बसें न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी, बल्कि पर्यावरण का ख्याल रखते हुए इन्हें इलेक्ट्रिक या सीएनजी मोड में संचालित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को जून महीने से पीपीपी (PPP) मोड में जमीन पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।

पटना को मिलेंगी सबसे अधिक बसें

योजना के तहत जिलों की आबादी और क्षेत्रफल के आधार पर बसों का आवंटन किया गया है। इसमें राजधानी पटना को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है, जहाँ 31 नई बसों का परिचालन शुरू होगा। परिवहन विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक यात्रियों को इस सरकारी सेवा का लाभ मिल सके। बसों का परिचालन चरणबद्ध (Phase-wise) तरीके से किया जाएगा, जिसमें पहले फेज में पटना के साथ गया, भागलपुर, राजगीर और नालंदा जैसे प्रमुख शहरों को शामिल किया गया है, जिसके बाद धीरे-धीरे अन्य जिलों को जोड़ा जाएगा।

आरक्षित सीटें और सुरक्षित सफर

वर्तमान में नगर निगम की बसों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए परिवहन विभाग नई बसों में विशेष व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। विभाग का मुख्य उद्देश्य है कि यात्रा के दौरान बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए नई बसों में इन वर्गों के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी। साथ ही, पहले से चल रही बसों को भी दुरुस्त किया जाएगा ताकि यात्रियों को आरामदायक अनुभव मिल सके और वे बिना किसी परेशानी के अपने गंतव्य तक पहुँच सकें।

मंथली पास और ऑनलाइन टिकट की सुविधा

शहरी क्षेत्रों में नियमित यात्रा करने वाले लोगों की सुविधा के लिए रेलवे की तर्ज पर 'मंथली पास' बनाने की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, यात्री घर बैठे ऑनलाइन टिकट भी बुक कर सकेंगे। तकनीक का सहारा लेते हुए बसों के रूट के हिसाब से नंबर तय किए जाएंगे और हर स्टॉप पर डिजिटल डिस्प्ले लगाया जाएगा। इससे यात्रियों को पहले से पता होगा कि उनकी बस कब आने वाली है और वह किस नंबर की बस में बैठकर अपनी मंजिल तक पहुँच सकते हैं।

प्रदूषण मुक्त और जाम से मिलेगी निजात

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण और यातायात व्यवस्था को होगा। इलेक्ट्रिक और सीएनजी आधारित बसें होने के कारण शहरों में प्रदूषण का स्तर कम होगा। वहीं, पीपीपी मोड में कुशल प्रबंधन के जरिए बसों के समय पर परिचालन से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे सड़कों पर जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी। जून महीने से शुरू होने वाली यह सेवा बिहार के मध्यमवर्गीय और कामकाजी लोगों के लिए किसी सौगात से कम नहीं होगी।