बिहार में वंशावली और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना हुआ आसान, सरकार ने दिया बड़ा आदेश!
बिहार सरकार का बड़ा फैसला! अब जन्म, मृत्यु और वंशावली प्रमाण पत्र के लिए नोटरी पब्लिक का शपथपत्र (Affidavit) होगा मान्य। जमीन सर्वे और पैतृक संपत्ति बंटवारे में मिलेगी बड़ी राहत। पूरी खबर पढ़ें।
बिहार सरकार ने राज्य में जन्म, मृत्यु और वंशावली प्रमाण पत्र बनवाने वाले नागरिकों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब इन प्रमाण पत्रों को बनवाने की प्रक्रिया में नोटरी पब्लिक द्वारा विधिवत निष्पादित (अटेस्टेड) शपथपत्र को आधिकारिक रूप से मान्यता दी जाएगी। सरकार के इस कदम से खास तौर पर ग्रामीण इलाकों के लोगों को पंचायत और अंचल कार्यालयों के चक्कर काटने और लंबी कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलने की उम्मीद है।
योजना एवं विकास विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश
इस संबंध में योजना एवं विकास विभाग, पटना ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DMs) को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। संयुक्त सचिव नीतीश कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अंचल कार्यालयों में जन्म, मृत्यु एवं वंशावली से जुड़े मामलों में नोटरी पब्लिक के शपथपत्र को नियमानुसार स्वीकार किया जाए। अधिकारियों को यह भी ताकीद की गई है कि प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में किसी भी तरह का अनावश्यक विलंब न किया जाए।
राष्ट्रपति सचिवालय में शिकायत के बाद हुई त्वरित कार्रवाई
नोटरी के शपथपत्र को मान्यता देने का यह फैसला आरा जिले के अधिवक्ता प्रमोद कुमार राय द्वारा राष्ट्रपति सचिवालय, नई दिल्ली को भेजे गए आवेदन के बाद आया है। राष्ट्रपति सचिवालय से मिले निर्देश के बाद राज्य सरकार ने मामले की गहन समीक्षा की। समीक्षा के उपरांत सरकार ने स्पष्ट किया कि कानून सम्मत नोटरी शपथपत्रों पर सिविल प्राधिकारियों को बेवजह आपत्ति नहीं जतानी चाहिए और ऐसी किसी भी तरह की परेशानी को तत्काल दूर किया जाना चाहिए।
जमीन सर्वे और पैतृक संपत्ति के मामलों में बड़ी सहूलियत
बिहार में फिलहाल चल रहे जमीन सर्वे और पैतृक संपत्ति के बंटवारे में वंशावली (वंश-वृक्ष) की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ रही है। अब तक लोगों को वंशावली बनवाने के लिए पंचायत स्तर पर मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य और पंचायत सचिव के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस जटिल प्रक्रिया में काफी समय बर्बाद होता था, लेकिन अब नोटरी अटेस्टेड शपथपत्र की मान्यता से जमीन संबंधी कार्यों में लोगों को त्वरित राहत मिलेगी।
प्रक्रिया में पारदर्शिता और नया वैकल्पिक रास्ता
हालाँकि नियमानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों और पंचायत सचिव के माध्यम से वंशावली प्रक्रिया 24 घंटे में पूरी करने का प्रावधान है, लेकिन व्यावहारिक रूप से इसमें काफी समय लगता था। सरकार के इस नए फैसले से आम जनता को एक वैकल्पिक और बेहद आसान रास्ता मिल गया है। अब आवेदक सीधे नोटरी के समक्ष शपथपत्र निष्पादित कराकर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
ध्यान रखने योग्य बातें और सरकारी दिशा-निर्देश
नोटरी शपथपत्र की मान्यता से कागजी देरी भले ही खत्म होगी, लेकिन सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नोटरी का शपथपत्र अन्य आवश्यक विभागीय दस्तावेजों का पूरी तरह से विकल्प नहीं होगा। आवेदकों को प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए संबंधित विभाग के मूलभूत नियमों और जरूरी दस्तावेजों की पूर्ति करनी ही होगी। राज्य सरकार ने सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि शपथपत्र को लेकर जनता को बेवजह परेशान न किया जाए।